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गाजा में इजरायल पर बच्चों के मानवाधिकार उल्लंघन के गंभीर आरोप

गाजा में इजरायल पर मानवाधिकार उल्लंघन के गंभीर आरोप लगे हैं, जिसमें 20,000 बच्चों की मौत का दावा किया गया है। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में इजरायल पर जानबूझकर बच्चों को निशाना बनाने का आरोप लगाया गया है, जबकि इजरायल ने इन आरोपों को खारिज किया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि संघर्ष के दौरान बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी इजरायल की है, जिसे वह नजरअंदाज कर रहा है। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी और इजरायल की प्रतिक्रिया।
 

गाजा में मानवसंहार के आरोप

गाजा में इजरायल पर मानवसंहार के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। एक संयुक्त राष्ट्र रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि इजरायल ने लगभग 20,000 बच्चों की जान ली है। 'कब्जा किए गए फलस्तीनी क्षेत्र पर स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच आयोग' ने अपनी रिपोर्ट में इजरायल पर जानबूझकर बच्चों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। हालांकि, इजरायल ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा है कि युद्ध के दौरान किसी भी नागरिक को जानबूझकर निशाना नहीं बनाया गया।


रिपोर्ट में बच्चों की संख्या

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद से जुड़े आयोग ने मंगलवार को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। इसमें बताया गया कि अक्टूबर 2023 से अक्टूबर 2025 के बीच मारे गए फलस्तीनियों में लगभग 30 प्रतिशत, यानी करीब 20,000 बच्चे शामिल थे। आयोग ने यह भी आशंका जताई है कि और भी बच्चे लापता हो सकते हैं, जिन्हें गुमनाम कब्रों में दफनाया गया है।


इजरायल की अनदेखी

फलस्तीनी क्षेत्र पर स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच आयोग के अध्यक्ष श्रीनिवासन मुरलीधर ने कहा कि अक्टूबर 2025 में संघर्ष-विराम लागू होने के बाद भी बच्चे मारे जा रहे हैं और गंभीर रूप से घायल हो रहे हैं। इजरायल संघर्ष-विराम और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत फलस्तीनी बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी को लगातार नजरअंदाज कर रहा है। आयोग ने कहा कि गाजा में बच्चों पर इस संघर्ष का प्रभाव युद्ध अपराध और मानवसंहार की श्रेणी में आता है।


इजरायल का खंडन

इजरायल ने संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा कि किसी भी निर्दोष नागरिक की हत्या नहीं की गई है। मानवसंहार के आरोपों को इजरायल ने मनगढ़ंत बताया है।


संयुक्त राष्ट्र के साथ तनाव

इजरायल और संयुक्त राष्ट्र के बीच संबंध ठीक नहीं चल रहे हैं। हाल ही में इजरायल ने संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के कार्यालय से संपर्क तोड़ दिया है और उन्हें अपने देश में अवांछित घोषित कर दिया है। इसका मतलब है कि एंटोनियो गुटेरेस इजरायल की यात्रा नहीं कर सकते।


रिपोर्ट पर इजरायल की प्रतिक्रिया

इजरायल के विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह रिपोर्ट झूठी और मनगढ़ंत है। मंत्रालय ने आयोग की आलोचना करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य सच का पता लगाने के बजाय इजरायल को निशाना बनाना और उसे बदनाम करना है।