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गाजा शांति योजना पर इजरायल का अड़ियल रवैया, आठ देशों ने की निंदा

गाजा में शांति योजना को लेकर चल रही वार्ता इजरायल के अड़ियल रवैये के कारण एक बार फिर से बाधित हो गई है। अमेरिका के नए प्रस्ताव को इजरायल ने खारिज कर दिया, जिसके चलते मिस्र, जॉर्डन, UAE, कतर, इंडोनेशिया, सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान जैसे देशों ने इजरायल की निंदा की है। इन देशों ने एक संयुक्त बयान में कहा है कि इजरायल का यह कदम स्थायी शांति के प्रयासों को कमजोर करता है। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी और अमेरिका की भूमिका।
 

गाजा में शांति वार्ता में बाधा

गाजा में शांति योजना को लेकर चल रही बातचीत एक बार फिर से इजरायल के अड़ियल रवैये के कारण ठप हो गई है। रविवार को इजरायल ने अमेरिका द्वारा प्रस्तुत गाजा शांति योजना के नए चरण को अस्वीकार कर दिया। इस पर दुनिया के आठ देशों ने इजरायल की आलोचना की है।


निंदा करने वाले देशों की सूची

इजरायल की आलोचना करने वाले देशों में मिस्र, जॉर्डन, UAE, कतर, इंडोनेशिया, सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान शामिल हैं। इन देशों ने एक संयुक्त बयान जारी कर कहा है कि इजरायल का यह कदम 'एक सही और स्थायी शांति की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को गंभीर रूप से कमजोर करता है।'


रोडमैप की महत्ता

बयान में कहा गया है कि यह रोडमैप, जिसे फिलिस्तीनी गुटों ने स्वीकार किया है, मध्यस्थों - मिस्र, कतर, तुर्की और अमेरिका के साथ-साथ गाजा के लिए उच्च प्रतिनिधि और शांति बोर्ड की कड़ी कोशिशों का परिणाम है।


आठ देशों की मांग

बयान में आगे कहा गया है कि यह योजना हथियारों को रोकने, इजरायली सेना की वापसी, एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल की तैनाती, गाजा के प्रशासन के लिए राष्ट्रीय समिति को प्रशासनिक अधिकार का हस्तांतरण और गाजा के पुनर्निर्माण की दिशा में एक आवश्यक कदम है। सभी आठ देशों ने अमेरिका से यह भी अनुरोध किया है कि वह इजरायल को इस विस्तृत योजना और उसके रोडमैप में बताए गए प्रतिबद्धताओं का पालन करने के लिए मजबूर करे।


ट्रंप की कोशिशों पर खतरा

बयान में कहा गया है कि रोडमैप को अस्वीकार करना विस्तृत योजना को लागू करने से साफ इनकार है, और इससे गाजा में युद्ध समाप्त करने और स्थायी शांति के लिए आवश्यक परिस्थितियों को बनाने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी कोशिशों को सीधे तौर पर पटरी से उतारने का खतरा है।