गैंगस्टर इंद्रजीत सिंह यादव की गिरफ्तारी: UAE में इंटरपोल की कार्रवाई
गैंगस्टर की गिरफ्तारी
गुरुग्राम और दिल्ली-एनसीआर में कई गंभीर अपराधों में शामिल गैंगस्टर इंद्रजीत सिंह यादव को अब पुलिस ने पकड़ लिया है। उसे संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अबूधाबी में इंटरपोल की सहायता से गिरफ्तार किया गया है। हरियाणा की विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने उसे भारत लाने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि उसके खिलाफ चल रही जांच को आगे बढ़ाया जा सके।
पुलिस रिकॉर्ड और फरारी
पुलिस के अनुसार, जनवरी 2025 में आयकर विभाग द्वारा इंद्रजीत के ठिकानों पर छापे के दौरान वह अपने पासपोर्ट के जरिए दुबई भाग गया था। पुलिस को उसके आपराधिक संबंधों के बारे में पहले से संदेह था, लेकिन उस समय कोई ठोस सबूत नहीं मिला, जिससे वह विदेश भागने में सफल रहा।
गैंगस्टर का नेटवर्क
दुबई में रहते हुए इंद्रजीत ने अपना आपराधिक नेटवर्क जारी रखा। हरियाणवी गायक राहुल फाजिलपुरिया की गाड़ी पर फायरिंग, उनके मित्र रोहित शौकीन की हत्या और यूट्यूबर एल्विश यादव के घर पर फायरिंग जैसी घटनाओं में उसका नाम शामिल है। इन घटनाओं के बाद सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी लेने वाले संदेशों में इंद्रजीत का उल्लेख था।
ऑडियो और जानकारी
विदेश में रहते हुए इंद्रजीत और हिमांशु भाऊ गैंग के बीच हुई बातचीत का एक ऑडियो भी वायरल हुआ था, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि वह अन्य गैंगस्टरों के साथ मिलकर काम कर रहा था। इसके अतिरिक्त, अमेरिका में पकड़े गए सुनील सरढानिया ने भी इंद्रजीत के बारे में पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी दी थी।
संपत्ति की जब्ती
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस वर्ष फरवरी में इंद्रजीत के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की थी। मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में उसकी लगभग 90.04 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई। जांच में यह भी सामने आया कि वह जेम रिकॉर्ड एंटरटेनमेंट कंपनी का मालिक है और उस पर हत्या, रंगदारी, भूमि कब्जाने और धोखाधड़ी जैसे 15 से अधिक मामले दर्ज हैं।
भारत लाने की प्रक्रिया
इंटरपोल द्वारा गिरफ्तारी की सूचना मिलने के बाद हरियाणा एसटीएफ ने गृह मंत्रालय से संपर्क किया है। अब उसे भारत लाने के लिए आवश्यक कागजी कार्रवाई की जा रही है। भारत आने के बाद उससे हरियाणा और उत्तर प्रदेश में दर्ज कई पुराने मामलों के बारे में विस्तृत पूछताछ की जाएगी।