चीन के तिब्बत में आया भूकंप: जानें क्या है स्थिति और राहत कार्य
भूकंप से तबाही का मंजर
नई दिल्ली: गुरुवार रात को चीन के तिब्बत क्षेत्र में 7.0 तीव्रता का एक भूकंप आया, जिसने व्यापक तबाही मचाई। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 16 लोगों की जान चली गई है और 46 अन्य घायल हुए हैं। उत्तरी तिब्बत के नागकू शहर और उसके आस-पास के क्षेत्रों में सैकड़ों घरों को नुकसान पहुंचा है। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्यों की शुरुआत कर दी है। समाचार स्रोतों के अनुसार, भूकंप का सबसे अधिक प्रभाव नागकू और उसके निकटवर्ती क्षेत्रों में देखा गया। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 339 मकान और 20 पशु शेड पूरी तरह से ढह गए हैं, जिससे बड़ी संख्या में लोग बेघर हो गए हैं। घायलों में से 11 की स्थिति गंभीर है, जबकि 35 को हल्की चोटें आई हैं।
राहत कार्यों की तेज़ी
स्थानीय प्रशासन ने राहत कार्यों को तेज कर दिया है। लगभग 1,600 राहतकर्मी और बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात किए गए हैं। लोगों के लिए 1,000 प्रीफैब्रिकेटेड मकान, 3,000 टेंट, फोल्डिंग बेड, टॉर्च और सर्दी से बचाव के कपड़े भेजे गए हैं।
संचार और परिवहन पर प्रभाव
संचार सेवाओं में बाधा
भूकंप के कारण कई क्षेत्रों में संचार सेवाएं प्रभावित हुई हैं। कुछ स्थानों से संपर्क टूट जाने के कारण वास्तविक नुकसान का आकलन करने में कठिनाई हो रही है। सुरक्षा कारणों से रेलवे अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्र से गुजरने वाली ट्रेनों का संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया है। झटकों के कारण कई स्थानों पर चट्टानें खिसकीं और भूस्खलन हुआ, जिसके चलते नेशनल हाईवे-317 का एक हिस्सा बंद कर दिया गया है। फिलहाल, इस मार्ग पर केवल राहत और सरकारी सहायता से जुड़े वाहनों को जाने की अनुमति है। मलबा हटाने का कार्य जारी है।
मौसम की चुनौतियाँ
बर्फबारी की संभावना
मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों में रुक-रुक कर बर्फबारी की संभावना जताई है, जिससे राहत और बचाव कार्यों में और बाधाएँ आ सकती हैं। इसलिए, बचाव दलों को मौसम की चुनौतियों के लिए तैयार रहने की सलाह दी गई है।
पिछले पांच वर्षों का सबसे शक्तिशाली भूकंप
भूकंप की तीव्रता
चीनी मीडिया के अनुसार, यह पिछले पांच वर्षों में तिब्बत क्षेत्र में आया सबसे शक्तिशाली भूकंप है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, यह भूकंप स्थानीय समयानुसार रात 10:33 बजे आया। इसका केंद्र नागकू शहर से लगभग 191 किलोमीटर पूर्वोत्तर में था और इसकी गहराई लगभग 18 किलोमीटर थी। नागकू, तिब्बत की राजधानी ल्हासा से 300 किलोमीटर से अधिक उत्तर में स्थित है। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेकर नुकसान का आकलन कर रहा है। राहत एजेंसियां मलबे में फंसे लोगों की खोज में जुटी हैं, जबकि हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।