चीन के तेल टैंकर पर हमले से बढ़ी वैश्विक चिंता, क्या है होर्मुज जलडमरूमध्य का हाल?
चीन से जुड़े तेल टैंकर पर हमला
हाल ही में होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट एक तेल टैंकर, जो चीन से संबंधित है, पर हमला हुआ है। यह घटना ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच हुई है और इसे चीनी टैंकर पर किया गया पहला ज्ञात हमला माना जा रहा है। इस हमले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता की लहर दौड़ा दी है, क्योंकि चीन को ईरान का एक प्रमुख सहयोगी माना जाता है।
हमले की जानकारी कैसे मिली?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह हमला इस सप्ताह की शुरुआत में हुआ था, और सोमवार को इसकी जानकारी सार्वजनिक हुई। इसे चीनी तेल टैंकर पर पहला हमला बताया गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि जहाज की तस्वीरों में डेक पर आग लगी हुई दिखाई दी। हालांकि, यह अभी तक स्पष्ट नहीं है कि इस हमले में चालक दल के किसी सदस्य को चोट आई है या नहीं। समुद्री सुरक्षा से जुड़े सूत्रों ने बताया कि यह जहाज मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला एक तेल और केमिकल टैंकर था, जिसने UAE के तट के पास से गुजरते समय आपातकालीन संदेश भेजा।
होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव की स्थिति
होर्मुज जलडमरूमध्य को विश्व के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक माना जाता है, जहां से लगभग 20 प्रतिशत वैश्विक तेल और गैस की आपूर्ति होती है। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष के बाद से इस क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है।
ईरान द्वारा किए गए हमलों के कारण सैकड़ों जहाज और लगभग 20,000 नाविक खाड़ी क्षेत्र में फंसे हुए हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात पर भी असर पड़ा है।
बीजिंग में ईरान-चीन की वार्ता
इस घटना के बीच, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बीजिंग में अपने चीनी समकक्ष वांग यी से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने होर्मुज जलडमरूमध्य के मार्ग को सामान्य करने पर चर्चा की। यह वार्ता ऐसे समय में हुई है जब क्षेत्रीय स्थिति और अधिक संवेदनशील हो गई है।
अमेरिका की प्रतिक्रिया
अमेरिकी सेना ने 7 मई को ईरानी हमलों के जवाब में ईरान के सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई की। यह अमेरिका का ईरान पर पहला सीधा हमला बताया जा रहा है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे तीन अमेरिकी विध्वंसक जहाजों को ईरानी सेना ने ड्रोन और मिसाइलों से निशाना बनाने की कोशिश की थी। इसके जवाब में, अमेरिकी सेना ने उन हमलों को नष्ट कर दिया।
एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि ईरानी सैन्य सुविधाओं पर हमले किए गए हैं, और राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरानी हमलावरों को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने ईरान को जल्द समझौता करने की चेतावनी भी दी।