चीन ने अफगानिस्तान-पाकिस्तान तनाव को कम करने के लिए की मध्यस्थता की पेशकश
चीन की सक्रिय भूमिका
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव और सीमा पर हो रही झड़पों के मद्देनजर, चीन ने एक सक्रिय भूमिका निभाना शुरू कर दिया है। सोमवार को, चीनी विदेश मंत्रालय ने दोनों देशों से तुरंत "सीधी बातचीत" करने और टकराव को समाप्त करने का अनुरोध किया।
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने एक प्रेस वार्ता में कहा कि चीन को उम्मीद है कि दोनों पक्ष संयम दिखाएंगे, जल्द ही संघर्ष विराम पर पहुंचेंगे और संवाद के माध्यम से अपने मतभेदों का समाधान करेंगे।
सीधी बातचीत की आवश्यकता
लिन जियान ने दोनों देशों के बीच सीधी बातचीत की आवश्यकता पर जोर दिया। हाल के दिनों में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच झड़पों में वृद्धि हुई है। पिछले सप्ताह, चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशहाक डार तथा अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी से फोन पर बात की और संघर्ष विराम पर चर्चा करने का आग्रह किया।
चीन का मध्यस्थता प्रयास
चीन के विशेष दूत यू शियाओयोंग भी इस्लामाबाद और काबुल के बीच मध्यस्थता के लिए लगातार यात्रा कर रहे हैं। चीन का पाकिस्तान और अफगानिस्तान के साथ त्रिपक्षीय संवाद तंत्र है। इससे पहले, सऊदी अरब, कतर और तुर्की जैसे कई देशों ने भी दोनों देशों के बीच मध्यस्थता करने का प्रयास किया था।