चीन ने अमेरिका के खिलाफ उठाए कड़े आर्थिक कदम
चीन की नई आर्थिक नीतियाँ
बुधवार को, चीन ने अमेरिका के खिलाफ कई महत्वपूर्ण आर्थिक कदम उठाए हैं। उसने छह अमेरिकी कंपनियों को प्रतिबंधों की सूची में डाल दिया और वॉशिंगटन को भेजे जाने वाले ड्रोन के निर्यात पर और अधिक पाबंदियाँ लगा दीं। यह कार्रवाई अमेरिका द्वारा जबरन मजदूरी और राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित नए व्यापार प्रतिबंधों के लागू होने के बाद की गई है।
ये कदम तब उठाए गए जब अमेरिका ने बीजिंग और 50 से अधिक अन्य देशों पर नए टैरिफ लगाए। यह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्यापार नीति का एक हिस्सा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि यह वॉशिंगटन के लिए "अनुचित" व्यापार घाटे को सुधारने के लिए आवश्यक है।
चीन के वाणिज्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका के ये कदम "चीन के जायज़ अधिकारों और हितों को गंभीर नुकसान पहुँचाते हैं।"
चीन की प्रतिक्रिया
प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि चीन केवल आवश्यक जवाबी कदम उठाएगा, जिसमें अमेरिका को ड्रोन और उनके मुख्य पुर्जों तथा तकनीक के निर्यात पर नियंत्रण को और कड़ा करना शामिल है।
इस रणनीति के तहत, वाणिज्य मंत्रालय ने घरेलू सर्टिफ़िकेशन संस्थाओं द्वारा की जाने वाली फ़ैक्ट्री फ़ॉलो-अप जाँच को रोक दिया, अमेरिकी कंप्लायंस टेस्टिंग फ़र्मों को ब्लैकलिस्ट कर दिया, और ऑफिस कॉपियर तथा प्रिंटर के आयात की राष्ट्रीय सुरक्षा जाँच शुरू कर दी।
प्रतिबंधित कंपनियाँ
बीजिंग ने छह अमेरिकी कंपनियों पर भी प्रतिबंध लगाए हैं, जिनमें बायोटेक्नोलॉजी कंपनी 'एप्लाइड डीएनए साइंसेज़' और जियोसाइंस रिसर्च कंपनी 'स्ट्रेटम रिज़र्वोयर' शामिल हैं। इन प्रतिबंधों के तहत, चीनी नागरिकों और संगठनों को इन कंपनियों के साथ किसी भी प्रकार के लेन-देन, सहयोग या अन्य गतिविधियों में शामिल होने से रोका गया है।