चीन ने ईरान में अपने नागरिकों को निकासी की दी सलाह, अमेरिका की सैन्य गतिविधियों में वृद्धि
नई दिल्ली में सुरक्षा की चिंताएं बढ़ीं
नई दिल्ली : पश्चिम एशिया में सुरक्षा की स्थिति बेहद गंभीर होती जा रही है। ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए, चीन के विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अपने नागरिकों को ईरान छोड़ने की सलाह दी है। यह चेतावनी उस समय आई है जब अमेरिका ने इस क्षेत्र में अपनी सैन्य उपस्थिति को बढ़ाना शुरू कर दिया है, जिससे व्यापक युद्ध की आशंका बढ़ गई है।
चीन का सुरक्षा परामर्श
चीन के विदेश मंत्रालय ने अपने नागरिकों को ईरान में सतर्क रहने की सलाह दी है। मंत्रालय ने कहा है कि मौजूदा हालात किसी भी समय बिगड़ सकते हैं, इसलिए जो चीनी नागरिक ईरान में हैं, उन्हें जल्द से जल्द वहां से निकल जाना चाहिए। दूतावास ने सोशल मीडिया पर सुरक्षा सावधानियों का पालन करने की अपील की है। यह कदम बीजिंग की बढ़ती चिंता को दर्शाता है कि कूटनीतिक प्रयास अब शायद पर्याप्त नहीं हैं।
अमेरिका की सैन्य गतिविधियों में वृद्धि
चीन की यह चेतावनी उस समय आई है जब अमेरिका ने मध्य-पूर्व में अपनी सैन्य गतिविधियों को तेज कर दिया है। अमेरिका ने संभावित हमले की आशंका के चलते इजरायल में अपने गैर-आवश्यक दूतावास कर्मचारियों को वापस बुलाने की अनुमति दी है। इससे स्पष्ट होता है कि अमेरिका किसी बड़ी सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
तनाव कम करने के प्रयास
तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं। ओमान की मध्यस्थता में ईरान और अमेरिका के बीच हाल ही में बातचीत का एक दौर संपन्न हुआ है, जिसे युद्ध टालने की अंतिम कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, तेहरान का रुख अभी भी काफी सख्त बना हुआ है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि किसी भी समझौते के लिए अमेरिका को अपनी 'अत्यधिक मांगें' छोड़नी होंगी।
यात्रा न करने की सलाह
चीन के विदेश मंत्रालय ने अपने नागरिकों को न केवल ईरान छोड़ने की सलाह दी है, बल्कि वहां की यात्रा से भी बचने की सलाह दी है। सरकार ने आश्वासन दिया है कि ईरान और पड़ोसी देशों में मौजूद चीनी दूतावास नागरिकों की सुरक्षित निकासी में हर संभव मदद करेंगे, चाहे वह हवाई मार्ग हो या जमीनी रास्ता।
स्थिति नियंत्रण से बाहर जा सकती है
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि चीन द्वारा अपने नागरिकों को अचानक बाहर निकालने की सलाह देना एक बड़ा संकेत है। यह इस बात की ओर इशारा करता है कि क्षेत्र में हालात नियंत्रण से बाहर जा सकते हैं। यदि ईरान और इजरायल के बीच सीधा संघर्ष शुरू होता है, तो इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और तेल आपूर्ति पर पड़ेगा। आने वाले कुछ दिन वैश्विक शांति के लिए निर्णायक होंगे।