जयशंकर और मार्को रुबियो की मुलाकात: खाड़ी देशों और यूक्रेन युद्ध पर चर्चा
विदेश मंत्री जयशंकर की अमेरिका के विदेश मंत्री से मुलाकात
संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मुलाकात की। इस बातचीत में खाड़ी देशों के मुद्दों और यूक्रेन युद्ध पर चर्चा की गई। इसके साथ ही, जयशंकर ने अंतरराष्ट्रीय समझौतों के संदर्भ में भारत की चिंताओं को रुबियो के समक्ष रखा। यह मुलाकात उस समय हुई जब अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने का विधेयक पारित किया है।
जयशंकर ने मार्को रुबियो के साथ अपनी मुलाकात की तस्वीरें साझा कीं, जिसमें उन्होंने लिखा, 'अमेरिका के विदेश सचिव मार्को रुबियो से मिलकर खुशी हुई। SRIA के संदर्भ में भारत के हितों और चिंताओं को दोहराया। साथ ही, खाड़ी और यूक्रेन की स्थितियों पर भी चर्चा की।' संयुक्त राष्ट्र महासभा का 81वां सत्र 22 सितंबर से शुरू होकर 28 सितंबर तक चलेगा।
100% टैरिफ का मामला
100% टैरिफ का मामला क्या है?
रूसी तेल पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने वाला 'लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रूस एंड ईरान बिल' अमेरिका की सीनेट और प्रतिनिधि सभा से पारित हो चुका है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस बिल पर हस्ताक्षर भी किए हैं। इस नए कानून में चीन और भारत सहित रूस के पांच बड़े खरीदारों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का प्रावधान है। राष्ट्रपति को यह अधिकार दिया गया है कि वे किस देश पर कितना टैरिफ लगाते हैं। वर्तमान में, चीन, भारत, स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान रूस से तेल खरीदने वाले प्रमुख देश हैं।
भारत ने 100 प्रतिशत टैरिफ पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। नई दिल्ली का कहना है कि यदि टैरिफ लगाया गया, तो यह भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। वैश्विक ऊर्जा बाजार भी इससे प्रभावित हो सकता है। भारत इस मुद्दे पर अमेरिका के साथ उच्च स्तर पर बातचीत कर रहा है।
भारत की द्विपक्षीय बैठकें
भारत की द्विपक्षीय बैठकें
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिका के अलावा फ्रांस और संयुक्त अरब अमीरात के साथ भी द्विपक्षीय बैठकों में भाग लिया। इसके अतिरिक्त, भारत, ब्राजील, जर्मनी और जापान के जी4 समूह के विदेश मंत्रियों की भी बैठक हुई। जयशंकर ने कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी, फिलीपींस के विदेश सचिव मा. टेरेसा लाजारो और जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वेडफुल से भी मुलाकात की। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल के साथ भी जयशंकर ने न्यूयॉर्क में बैठक की।
फ्रांस और यूएई के साथ हुई द्विपक्षीय बैठकों के बारे में जयशंकर ने कहा, 'कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), अंतरिक्ष, स्वास्थ्य विज्ञान, ऊर्जा और संस्कृति के क्षेत्रों में सहयोग चर्चा का मुख्य विषय रहा। हमारे साझा हित और एक-दूसरे की पूरक क्षमताएं सहयोग के लिए व्यापक संभावनाएं उपलब्ध कराती हैं। चर्चा को आगे बढ़ाने के लिए जल्द ही फिर से बैठक किए जाने पर सहमति बनी।'