जापान में भूकंप चेतावनी का हड़कंप: गलती से जारी हुआ अलर्ट
जापान में भूकंप चेतावनी का हड़कंप
जापान में मौसम विभाग ने 9.9 तीव्रता के भूकंप की चेतावनी जारी की, जिससे पूरे देश में हड़कंप मच गया। हालांकि, आठ मिनट बाद ही इस चेतावनी को वापस ले लिया गया। इससे पहले, लोगों के मोबाइल फोन में आपातकालीन अलार्म बजने लगे और शहरों में लाउडस्पीकर और टीवी चैनलों के माध्यम से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई। अब यह स्पष्ट हुआ है कि मौसम विभाग ने गलती से यह चेतावनी जारी की थी, जिसके बाद मामले की जांच का आदेश दिया गया है।
द जापान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) ने शुक्रवार को दोपहर 12:40 बजे 9.9 तीव्रता के भूकंप का अलर्ट जारी किया। यह चेतावनी इसलिए चिंताजनक थी क्योंकि धरती पर अब तक 9.9 तीव्रता का भूकंप नहीं आया है। रिकॉर्ड के अनुसार, सबसे शक्तिशाली भूकंप 22 मई 1960 को चिली में आया था, जिसकी तीव्रता 9.5 मापी गई थी।
आठ मिनट में चेतावनी वापस लेनी पड़ी
जापान की मौसम एजेंसी ने आठ मिनट बाद, यानी 12:48 बजे, भूकंप की चेतावनी वापस ले ली। एजेंसी ने कहा कि वह पूरे मामले की जांच कर रही है। जेएमए के भूकंप और सुनामी निगरानी विभाग के प्रमुख अयाताका एबिता ने बताया कि एजेंसी के सिस्टम ने गलती से भूकंप के केंद्र को कुरिल द्वीप समूह के पास बताया और इसकी तीव्रता का अधिक अनुमान लगाया। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है।
टोक्यो में मची अफरा-तफरी
राजधानी टोक्यो में चेतावनी के बाद अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अलर्ट के कारण स्वचालित सुरक्षा प्रणाली सक्रिय हो गई, जिससे टोकाइदो शिंकांसेन लाइन लगभग 15 मिनट तक बंद रही। कई व्यवसायों को बंद करना पड़ा और स्कूल-कॉलेजों में भी अफरा-तफरी का माहौल रहा।
गलत चेतावनी का कारण
भूकंप से जुड़े अलार्म सेंसर पर शोर के कारण कई बार डेटा गलत प्रोसेस होता है, जिससे गलत चेतावनियाँ जारी हो जाती हैं। जेएमए की वेबसाइट के अनुसार, प्रारंभिक पहचान प्रणाली के अलार्म सेंसर पर बिजली गिरने, उपकरण की खराबी या अन्य कारणों से गलत चेतावनी जारी हो सकती है। अयाताका एबिता ने बताया कि इस मामले में बिजली गिरने की संभावना नहीं है। जब भूकंप किसी स्टेशन से दूर आता है, तो रीडिंग की गुणवत्ता कम हो जाती है, जैसा कि इस मामले में हुआ।