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जिबूती में नाव पलटने से 109 प्रवासियों की मौत: यमन से जारी है पलायन

जिबूती के तट पर एक नाव पलटने से 109 प्रवासियों की जान चली गई, जिसमें 15 बच्चे भी शामिल हैं। यह नाव जिबूती से यमन की ओर जा रही थी। आईओएम के अनुसार, इस घटना ने प्रवासियों के सामने आने वाले खतरों को उजागर किया है। यमन से बड़ी संख्या में लोग जिबूती में शरण ले रहे हैं, जबकि सऊदी नेतृत्व वाली सेनाएं यमन में अपने अभियान को तेज कर रही हैं। जानें इस त्रासदी के पीछे की पूरी कहानी और क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बारे में।
 

जिबूती तट पर हुआ भयानक हादसा


नई दिल्ली: पूर्वी अफ्रीका के जिबूती के तट पर एक नाव, जिसमें प्रवासी सवार थे, पलट गई। इस दुर्घटना में कम से कम 109 लोगों की जान चली गई, जिनमें 15 बच्चे भी शामिल हैं। नाव में कुल 305 लोग मौजूद थे। अंतर्राष्ट्रीय प्रवासन संगठन (आईओएम) ने बताया कि यह नाव जिबूती से यमन की ओर जा रही थी, और यह हादसा गुरुवार रात या शुक्रवार सुबह हुआ।


मृतकों की संख्या में शामिल हैं महिलाएं और बच्चे

आईओएम के अनुसार, मृतकों में 52 पुरुष, 42 महिलाएं और 15 बच्चे शामिल हैं, जबकि 80 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। संगठन ने यह भी बताया कि हर साल हजारों लोग बेहतर जीवन और रोजगार की तलाश में जिबूती के रास्ते बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य पार कर खाड़ी देशों की ओर जाते हैं, भले ही यमन में हिंसा जारी हो।


जिबूती में आईओएम के मिशन प्रमुख एलेक्जेंडर कोइसाक ने कहा कि यह घटना अत्यंत दुखद है और यह प्रवासियों के सामने आने वाले खतरों को उजागर करती है।


यमन से पलायन की स्थिति

युद्धग्रस्त यमन से भी बड़ी संख्या में लोग लाल सागर पार कर जिबूती में शरण ले रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र की प्रवासन एजेंसी ने चेतावनी दी है कि कई अन्य यमनी नावें जिबूती जाने की तैयारी में हैं। वर्तमान में 2,000 से अधिक यमनी जिबूती में हैं, जिन्हें सरकार और आईओएम द्वारा भोजन और आश्रय प्रदान किया जा रहा है। यमन में पिछले 12 वर्षों से सरकार और सऊदी गठबंधन की सेनाएं ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों से लड़ रही हैं।


बाब अल-मंडेब में बढ़ता तनाव

इस बीच, सऊदी नेतृत्व वाली सेनाओं ने यमन में अपने अभियान को तेज कर दिया है। हाल ही में शुरू किए गए बड़े जमीनी और हवाई हमलों का उद्देश्य पश्चिमी लाल सागर तट और बाब अल-मंडेब के आसपास के क्षेत्रों को वापस लेना है, जो हूतियों के कब्जे में हैं। बाब अल-मंडेब एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जो होर्मुज जलडमरूमध्य का विकल्प माना जाता है। ईरान के साथ तनाव के कारण होर्मुज से जहाजों की आवाजाही कम हुई है, जिससे इस क्षेत्र की घटनाएं वैश्विक व्यापार और सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई हैं।


सऊदी अरब पर हमले की बढ़ती घटनाएं

हूती समूह जुलाई से सऊदी अरब को निशाना बना रहा है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, इस संघर्ष के कारण यमन में 2 लाख से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं। पिछले महीने हूतियों ने पश्चिमी तट पर कब्जा कर लिया था। यमन सरकार ने कहा है कि वह सभी क्षेत्रों को वापस लेगी, जबकि सऊदी अरब ने अमेरिका से मदद मांगी है। हालांकि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हूतियों पर हमले से इनकार किया है, लेकिन सऊदी अरब को 24.3 अरब डॉलर में 48 एफ-35 लड़ाकू विमानों की बिक्री को मंजूरी दे दी गई है।