जी20 की बैठक में वैश्विक सुरक्षा मुद्दों पर सहमति बनाने में असफलता
जी20 की वार्ता में असहमति
अटलांटा, 1 नवंबर - दुनिया की 20 प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के समूह जी20 के शीर्ष राजनयिकों ने दो दिन की वार्ता के बाद कई महत्वपूर्ण वैश्विक सुरक्षा मुद्दों पर सहमति बनाने में असफलता का सामना किया। रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण बैठक की शुरुआत से ही मतभेद स्पष्ट थे, जिसके चलते समूह ने कोई संयुक्त बयान जारी नहीं किया।
इसके बजाय, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बैठक के बाद एक अध्यक्षीय बयान जारी किया, जिसमें चर्चा के मुख्य बिंदुओं और ऊर्जा, खाद्य सुरक्षा, तथा समुद्री मार्गों की स्वतंत्रता जैसे मुद्दों का उल्लेख किया गया। इस बयान में किसी भी प्रकार की सहमति या समझौते की जानकारी नहीं दी गई। रुबियो ने कहा कि इन समस्याओं के समाधान के लिए कोई सर्वमान्य दृष्टिकोण नहीं है।
हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि जी20 के कुछ सदस्य देशों ने आपूर्ति श्रृंखला और महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में सहयोग करने का प्रयास किया है। रुबियो ने वार्ता की शुरुआत में एकता की अपील की थी, लेकिन रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव की उपस्थिति के कारण यूरोपीय राजनयिकों ने पारंपरिक ‘समूह तस्वीर’ को रद्द करने का निर्णय लिया। यूरोपीय प्रतिनिधियों ने तस्वीर का बहिष्कार करने की चेतावनी दी थी।
पोलैंड के विदेश मंत्री रादोस्लाव सिकोरस्की ने कहा कि युद्ध में शामिल देशों के एक साथ होने के कारण साझा रुख पर सहमति बनाना कठिन है। राजनयिकों के अनुसार, रूस-यूक्रेन युद्ध, ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजराइल का संघर्ष, अमेरिकी शुल्क और दक्षिण चीन सागर में चीन की गतिविधियों पर मतभेद बने हुए हैं। बैठक के दौरान ईरान में अमेरिका के नए सैन्य हस्तक्षेप की आशंका भी चर्चा का विषय रही।
इस स्थिति ने सऊदी अरब सहित पूरे क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है। रुबियो ने शुक्रवार को सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान और तुर्किये के विदेश मंत्री हाकान फिदान से मुलाकात की थी।