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जॉर्डन के हवाई हमलों में आईएस के आतंकवादी मारे गए, नागरिकों की भी हुई मौत

जॉर्डन ने हाल ही में सीरिया में किए गए हवाई हमलों में इस्लामिक स्टेट के लगभग 20 आतंकवादियों के मारे जाने की सूचना दी है। हालांकि, इन हमलों में आम नागरिकों की भी जान गई है, जिसमें एक ही परिवार के पांच सदस्य शामिल हैं। यह कार्रवाई पिछले सप्ताह कराक में हुए एक हमले के जवाब में की गई थी। जॉर्डन सरकार ने हमलों की पुष्टि की है, लेकिन सीरिया सरकार ने इसे बिना समन्वय के बताया है। जानें इस जटिल स्थिति के बारे में अधिक जानकारी।
 

जॉर्डन के हवाई हमले और उसके परिणाम

जॉर्डन ने मंगलवार को जानकारी दी कि सीरिया में किए गए हवाई हमलों में लगभग 20 आतंकवादी, जो इस्लामिक स्टेट (आईएस) से जुड़े थे, मारे गए। हालांकि, जॉर्डन ने यह भी स्वीकार किया कि इन हमलों में कुछ आम नागरिकों की भी जान गई है। जॉर्डन की वायुसेना ने सोमवार शाम को सीरिया में हवाई हमले किए थे।


ये हवाई हमले उस घटना के जवाब में किए गए, जिसमें पिछले सप्ताह जॉर्डन के कराक शहर में एक ग्रीक ऑर्थोडॉक्स चर्च में अंतिम संस्कार के दौरान नौ लोगों की हत्या की गई थी। जॉर्डन ने सोमवार को यह भी बताया कि उसने हमले में शामिल तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, लेकिन उनके संगठन से संबंध के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। जॉर्डन सरकार के प्रवक्ता मोहम्मद अल-मोमानी ने मरने वालों की संख्या की पुष्टि की, जो सीरिया में राहत कार्य में लगे कर्मियों के आंकड़ों से भिन्न है।


सीरिया की नागरिक सुरक्षा एजेंसी ने बताया कि जॉर्डन के हमलों में मारे गए सात आम नागरिकों के शव मिले हैं, जिनमें एक ही परिवार के पांच सदस्य शामिल थे, जिनमें तीन बच्चे और एक महिला थीं। इसके अलावा, दो बुजुर्ग पुरुष भी मारे गए।


सीरिया सरकार ने कहा कि जॉर्डन के हवाई हमलों से पहले न तो उसके साथ समन्वय किया गया और न ही उसे इसकी सूचना दी गई। दमिश्क और अम्मान दोनों ने कहा कि वे इस मामले में संपर्क में हैं और जानकारी इकट्ठा कर रहे हैं। सीरिया के विदेश मंत्रालय ने इन हमलों की निंदा करते हुए इसे सीरिया के हवाई क्षेत्र का ‘अस्वीकार्य उल्लंघन’ बताया।


हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के नेता अपनी सुरक्षा संबंधी समन्वय व्यवस्था को मजबूत करेंगे ताकि ‘दोनों देशों की सुरक्षा को खतरे में डालने और उनके नागरिकों का खून बहाने की किसी भी कोशिश को रोका जा सके।’ अल-मोमानी ने कहा कि ये हमले खुफिया जानकारी के आधार पर किए गए थे, जिसमें ‘जॉर्डन के खिलाफ संभावित खतरों और आतंकवादी हमलों की योजनाओं’ का पता चला था। उन्होंने आम नागरिकों की मौत पर खेद भी व्यक्त किया। दारा प्रांत के सीरिया-जॉर्डन सीमा के पास स्थित अल-तुफ गांव में हुए एक हवाई हमले में मसूद अल-सलीम ने अपनी पत्नी, बेटे और तीन पोते-पोतियों को खो दिया।


हमला उनके घर पर हुआ था। अल-सलीम ने मलबे में बच्चों की स्कूल की किताबें और खिलौने खोजते हुए कहा, ‘जब मैं दौड़कर आया, तो देखा कि न तो घर बचा था और न ही तंबू, कुछ भी नहीं था। मुझे कोई नहीं मिला।’ उन्होंने कहा, ‘मैंने मलबे के नीचे तलाश शुरू की। मुझे लगा कि शायद वे उसके नीचे दबे हों।’