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ट्रंप का ईरान समझौते पर बयान: निवेश नहीं, लेकिन बाजार खुश

जी7 शिखर सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ समझौते को अंतिम नहीं बताया और निवेश न करने की बात कही। उन्होंने शेयर बाजार में आई तेजी और ओबामा पर रिश्वत देने के आरोपों का भी जिक्र किया। ट्रंप का कहना है कि ईरान के पास परमाणु बम न होने की संभावना 99.99 प्रतिशत है। जानें इस महत्वपूर्ण बातचीत के सभी पहलुओं के बारे में।
 

जी7 शिखर सम्मेलन में ट्रंप का बयान

जी7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए पहुंचे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मिस्र के राष्ट्रपति अल-सिसी के साथ बातचीत में बताया कि ईरान के साथ समझौता अभी तक अंतिम रूप नहीं लिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि इस समझौते की चर्चा से बाजार में सकारात्मकता आई है, लेकिन अमेरिका ईरान में किसी भी प्रकार का निवेश नहीं करेगा।


ट्रंप का निवेश पर स्पष्टता

ट्रंप ने ईरान को 300 अरब डॉलर की सहायता देने की खबरों का खंडन करते हुए कहा कि अमेरिका के पास ऐसा कोई फंड नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हम निवेश नहीं कर रहे हैं, यहां तक कि 10 सेंट भी नहीं। यदि खाड़ी के देश ऐसा करने का निर्णय लेते हैं, तो यह उनकी मर्जी है। उनका मानना है कि वे तब तक ऐसा नहीं करेंगे जब तक ईरान का व्यवहार स्पष्ट नहीं हो जाता।


समझौता अभी भी खुला है: ट्रंप

जब पत्रकारों ने पूछा कि क्या ईरान के साथ समझौता अंतिम है, तो ट्रंप ने कहा कि यह अंतिम नहीं है, बल्कि एक समझौता ज्ञापन है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उन्हें यह समझौता पसंद नहीं आया, तो अमेरिका फिर से बमबारी शुरू कर सकता है। ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान के पास परमाणु बम न होने की संभावना 99.99 प्रतिशत है।


शेयर बाजार में उछाल

ट्रंप ने बताया कि शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल आया है और तेल की कीमतें गिर गई हैं। यह स्थिति शब्दों से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।


ओबामा पर आरोप

पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा पर ट्रंप ने रिश्वत देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 2015 में अमेरिका और ईरान के बीच हुए जेसीपीओए के तहत ईरान को रिश्वत दी गई थी। ट्रंप ने दावा किया कि ओबामा ने बैंकों से 1.7 अरब डॉलर नकद दिए और यह राशि एक बोइंग 757 विमान में भरकर ईरान भेजी गई। उन्होंने कहा कि ओबामा ने रिश्वत देकर बचने की कोशिश की, जबकि ईरानियों ने उनका मजाक उड़ाया।