ट्रंप की व्यापार नीति पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला: क्या हैं इसके दूरगामी प्रभाव?
वैश्विक व्यापार में हलचल
नई दिल्ली: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की प्रमुख टैरिफ नीति को रद्द कर दिया है, जिससे वैश्विक व्यापार में हलचल मच गई है। इस निर्णय ने प्रशासन की मौजूदा शुल्क नीति को एक बड़ा झटका दिया है, लेकिन ट्रम्प ने स्पष्ट किया है कि वे अपने रुख से पीछे नहीं हटेंगे।
ट्रंप की चेतावनी
राष्ट्रपति ट्रम्प ने उन देशों को चेतावनी दी है, जिन्होंने हाल ही में अमेरिका के साथ व्यापार समझौते किए हैं। उनका कहना है कि यदि कोई देश समझौतों से पीछे हटने की कोशिश करेगा, तो उसे गंभीर आर्थिक परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
सख्त संदेश
ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा है कि जो भी देश सुप्रीम कोर्ट के फैसले के साथ खिलवाड़ करना चाहेगा, विशेषकर वे देश जिन्होंने अमेरिका का शोषण किया है, उन्हें और भी कठोर टैरिफ का सामना करना पड़ेगा।
टैरिफ के वैकल्पिक उपाय
कानूनी विकल्पों का उपयोग
सोमवार को ट्रम्प ने स्पष्ट किया कि वे वैकल्पिक व्यापार कानूनों का सहारा लेकर टैरिफ को बनाए रख सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने अंतर्राष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियां अधिनियम (IEEPA) के तहत लगाए गए शुल्कों को रद्द कर दिया, लेकिन ट्रम्प का कहना है कि यह निर्णय उन्हें और सख्त कदम उठाने का अवसर देता है।
नए शुल्क की संभावना
व्यापारिक साझेदारों पर नए शुल्क
ट्रम्प ने संकेत दिया है कि वे व्यापारिक साझेदार देशों पर नए लाइसेंस शुल्क लगा सकते हैं, हालांकि इस प्रस्ताव की विस्तृत जानकारी अभी साझा नहीं की गई है।
बाजार में अस्थिरता
अनिश्चितता का माहौल
प्रशासन के अगले कदम को लेकर अनिश्चितता के कारण बाजारों में अस्थिरता देखी जा रही है। ट्रम्प ने हाल ही में 1974 के व्यापार अधिनियम के तहत अस्थायी रूप से 10 प्रतिशत आयात शुल्क लगाने की घोषणा की थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया।
यूरोपीय संघ के साथ समझौते पर विराम
व्यापार समझौते पर मतदान स्थगित
ब्रुसेल्स में यूरोपीय संसद ने ट्रम्प द्वारा अस्थायी शुल्क लागू किए जाने के बाद अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते पर मतदान को स्थगित कर दिया है।
नई जांच की तैयारी
धारा 301 के तहत नई जांच
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ने संकेत दिया है कि प्रशासन कई देशों की अनुचित व्यापारिक प्रथाओं के खिलाफ धारा 301 के तहत नई जांच शुरू कर सकता है, जिससे अतिरिक्त टैरिफ लगाने का रास्ता खुल सकता है।