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ट्रंप ने सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के रक्षा समझौते की सराहना की

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच हुए रक्षा समझौते की सराहना की है, इसे एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। इस समझौते के तहत किसी एक देश पर हमले को सभी पर हमला माना जाएगा। भारत ने इस समझौते के प्रभावों का आकलन करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जानें इस समझौते के पीछे की कहानी और इसके संभावित प्रभाव।
 

रक्षा सहयोग पर ट्रंप की टिप्पणी

वाशिंगटन, 17 अगस्त: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच हाल ही में संपन्न रक्षा समझौते को इन देशों की सुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। ट्रंप ने यह बयान रविवार को दिया, जब तीनों देशों ने मक्का संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इस समझौते के अनुसार, यदि किसी एक देश पर हमला होता है, तो इसे सभी तीनों देशों पर हमला माना जाएगा।


सोशल मीडिया पर ट्रंप की प्रतिक्रिया

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा, "मैं यह देखकर बहुत खुश हूं कि सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान ने हाल ही में मक्का संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह दर्शाता है कि पश्चिम एशिया एकजुट हो रहा है और ये देश अपनी रक्षा को अधिक प्रभावी तरीके से कर सकेंगे।" उन्होंने तीनों देशों के नेताओं को बधाई देते हुए इसे एक बड़ा और साहसिक कदम बताया।


भारत की प्रतिक्रिया

भारत ने इस समझौते के प्रभावों का आकलन करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 11 अगस्त को कहा, "हम इस समझौते के प्रभावों का अध्ययन कर रहे हैं, जो भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय शांति पर पड़ सकते हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।