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डोनाल्ड ट्रंप और इमैनुएल मैक्रों के बीच बढ़ता तनाव

डोनाल्ड ट्रंप और इमैनुएल मैक्रों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है, खासकर ग्रीनलैंड पर ट्रंप की कब्जे की इच्छाओं और व्यापार शुल्कों को लेकर। मैक्रों ने ट्रंप की तानाशाही प्रवृत्तियों की आलोचना की है और यूरोप को एकजुट होने का आह्वान किया है। दावोस में उनके भाषण ने स्पष्ट किया कि वह ट्रंप के खिलाफ ठोस कदम उठाने के लिए तैयार हैं। इस स्थिति में आगे क्या होगा, यह देखना दिलचस्प होगा।
 

ट्रंप की दादागिरी पर सवाल

क्या अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब पूरी तरह से तानाशाही रवैया अपनाने लगे हैं? उनके और फ्रांस के बीच स्थिति अब जंग के समान बनती जा रही है। नाटो और यूरोप के अन्य देशों में भी तनाव बढ़ता जा रहा है। ट्रंप अपनी जिद पर अड़े हुए हैं और किसी की बात सुनने को तैयार नहीं हैं। यह स्पष्ट है कि ट्रंप फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को पसंद नहीं करते। विभिन्न मंचों पर वह मैक्रों का अपमान करने से नहीं चूकते। कभी वह मैक्रों को कुर्सी छोड़ने की सलाह देते हैं, तो कभी उनके व्यक्तिगत व्हाट्सएप चैट को सार्वजनिक कर देते हैं। इस पर मैक्रों नाराज हैं, हालांकि वह सीधे ट्रंप का नाम नहीं लेते, लेकिन उनके इशारों से यह साफ है कि वह ट्रंप और अमेरिका को निशाना बना रहे हैं। दावोस में आर्थिक फोरम में उन्होंने कहा कि यूरोप को अपने सम्मान की रक्षा करनी चाहिए और जो लोग विश्व व्यवस्था को बदलने की कोशिश कर रहे हैं, उनके खिलाफ उचित कदम उठाने चाहिए।


मैक्रों का बुली शब्द का उपयोग

मैक्रों ने अपने भाषण में 'बुली' शब्द का उपयोग किया, जो स्पष्ट रूप से ट्रंप की ओर इशारा करता है। उन्होंने कहा कि जहां ताकत की आवश्यकता हो, वहां यूरोप को मजबूती से जवाब देना चाहिए। फ्रांस के राष्ट्रपति ने ग्रीनलैंड पर ट्रंप की शुल्क संबंधी धमकियों का भी जिक्र किया और कहा कि यूरोपीय संघ को व्यापार समूह के दबाव विरोधी तंत्र का उपयोग करने में संकोच नहीं करना चाहिए। दावोस में विश्व आर्थिक मंच में उन्होंने अमेरिकी व्यापार दबाव और नए शुल्कों के खिलाफ आवाज उठाई। मैक्रों ने कहा कि यह एक शक्तिशाली साधन है और हमें इसे आज के कठिन समय में उपयोग करने से नहीं हिचकिचाना चाहिए।


ग्रीनलैंड पर टकराव

ग्रीनलैंड पर ट्रंप की कब्जे की इच्छा को लेकर मैक्रों ने कहा कि अब हम ग्रीनलैंड में सैन्य अभ्यास करेंगे, जो किसी को धमकी नहीं होगी, बल्कि यूरोपीय देशों की एकता के लिए होगी। ग्रीनलैंड एक ऐसा क्षेत्र है जहां दोनों देशों के बीच टकराव स्पष्ट है। गाज़ा शांति योजना को लेकर भी दोनों देशों में मतभेद हैं। आने वाले दिनों में मैक्रों और ट्रंप के बीच यह लड़ाई किस दिशा में जाएगी, यह देखना दिलचस्प होगा। फिलहाल, दोनों नेता एक-दूसरे की आलोचना करने में व्यस्त हैं।


आपात बैठक का आह्वान

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इस सप्ताह पेरिस में यूरोपीय नेताओं की एक आपात बैठक बुलाने का प्रस्ताव रखा है, जिसमें ग्रीनलैंड पर ट्रंप की कोशिशों और शुल्कों के बढ़ते तनाव पर चर्चा की जाएगी। ट्रंप ने कहा कि वह इस बैठक में शामिल नहीं होंगे, यह कहते हुए कि मैक्रों जल्द ही अपने पद से हट जाएंगे। इससे पहले, ट्रंप ने सोशल मीडिया पर मैक्रों और नाटो महासचिव मार्क रुटे के साथ हुए निजी संदेश भी साझा किए थे।