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डोनाल्ड ट्रंप का अमेरिका को अंतरराष्ट्रीय संगठनों से अलग करने का निर्णय

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक महत्वपूर्ण मेमोरेंडम पर हस्ताक्षर करते हुए अमेरिका को 60 से अधिक अंतरराष्ट्रीय संगठनों से अलग करने का निर्णय लिया है। इस कदम में भारत का इंटरनेशनल सोलर अलायंस भी शामिल है। व्हाइट हाउस का कहना है कि ये संगठन अमेरिकी संप्रभुता के खिलाफ हैं। ट्रंप ने पहले ही कई अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से अमेरिका की भागीदारी को कम किया है। जानें इस निर्णय के पीछे के कारण और इसके संभावित प्रभाव।
 

अमेरिका का अंतरराष्ट्रीय संगठनों से अलगाव

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक महत्वपूर्ण मेमोरेंडम पर हस्ताक्षर करते हुए अमेरिका को 60 से अधिक अंतरराष्ट्रीय संगठनों और संस्थाओं से अलग करने का निर्णय लिया है। इस सूची में भारत द्वारा स्थापित इंटरनेशनल सोलर अलायंस (ISA) भी शामिल है। व्हाइट हाउस ने बताया कि ये संगठन कट्टरपंथी जलवायु नीतियों, वैश्विक शासन और वैचारिक कार्यक्रमों को बढ़ावा देते हैं, जो अमेरिकी संप्रभुता और आर्थिक शक्ति के खिलाफ हैं।


व्हाइट हाउस के एक बयान में कहा गया है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने 35 गैर-संयुक्त राष्ट्र निकायों और 31 संयुक्त राष्ट्र से जुड़े संगठनों से अमेरिका को बाहर निकालने का आदेश दिया है। यह कदम उन सभी अंतरराष्ट्रीय संगठनों, सम्मेलनों और संधियों की समीक्षा का परिणाम है जिनका अमेरिका सदस्य है या जिनका पक्षकार है।


संस्थाओं से अमेरिकी भागीदारी का अंत

व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया कि इन निकासों से उन संस्थाओं में अमेरिकी करदाताओं के धन और भागीदारी का अंत होगा, जो अमेरिकी प्राथमिकताओं के बजाय वैश्विक एजेंडा को आगे बढ़ाती हैं। इससे यह सुनिश्चित होगा कि अमेरिकी करदाताओं का धन अन्य तरीकों से बेहतर ढंग से आवंटित किया जा सके। जब व्हाइट हाउस से आगे की जानकारी और संगठनों की सूची मांगी गई, तो उसने तुरंत कोई जवाब नहीं दिया।


डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के बाद से संयुक्त राष्ट्र के लिए अमेरिकी अनुदान में कटौती की है, और उन्होंने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के साथ अमेरिकी भागीदारी को रोकने का निर्णय लिया है। इसके अलावा, उन्होंने फिलिस्तीनी राहत एजेंसी UNRWA के लिए वित्त पोषण पर रोक लगाने और यूनेस्को से बाहर निकलने की कोशिश की है।


अंतरराष्ट्रीय संबंधों में बदलाव

जनवरी 2025 में अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के बाद से, ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र और उससे जुड़े संस्थानों में अमेरिका की भागीदारी को लगातार कम किया है। अमेरिका पहले ही संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद से बाहर हो चुका है और फिलिस्तीनी राहत एजेंसी की फंडिंग रोक चुका है। इसके अलावा, ट्रंप ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और पेरिस जलवायु समझौते से बाहर निकलने की योजना की भी घोषणा की है।