डोनाल्ड ट्रंप का ईरान को चेतावनी: होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति पर है सब कुछ
ट्रंप का स्पष्ट संदेश
नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान ने संघर्ष के बीच युद्धविराम की मांग की है, लेकिन अमेरिका तब तक इस पर विचार नहीं करेगा जब तक होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह से खुला और निर्बाध नहीं हो जाता।
ट्रंप का कड़ा रुख
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में बताया कि ईरान के नए राष्ट्रपति, जो अपने पूर्ववर्ती नेताओं की तुलना में कम कट्टरपंथी माने जा रहे हैं, ने अमेरिका से युद्धविराम का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा, “हम इस पर तभी विचार करेंगे जब होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह खुला और स्वतंत्र हो जाएगा।”
उन्होंने आगे कहा, “तब तक हम ईरान पर हमले जारी रखेंगे और यदि आवश्यक हुआ तो उसे पाषाण युग में वापस भेज देंगे।” ट्रंप ने ईरान के किसी विशेष नेता का नाम नहीं लिया, लेकिन नए राष्ट्रपति का उल्लेख किया।
होर्मुज जलडमरूमध्य का महत्व
होर्मुज जलडमरूमध्य एक संकीर्ण समुद्री मार्ग है, जो विश्व की लगभग 20 प्रतिशत तेल आपूर्ति का मार्ग प्रशस्त करता है। यह वैश्विक ऊर्जा व्यापार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। ईरान ने अमेरिका और इजराइल के हमलों के जवाब में इस जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही पर रोक लगा दी थी, जिससे वैश्विक तेल की कीमतों में वृद्धि हुई है और कई देशों में ऊर्जा संकट की आशंका उत्पन्न हो गई है।
ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि जब तक ईरान इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को पूरी तरह से नहीं खोलता और जहाजों की निर्बाध आवाजाही को बहाल नहीं करता, अमेरिका अपने सैन्य अभियान जारी रखेगा।
ईरान पर बढ़ता दबाव
ट्रंप के इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि अमेरिका ईरान पर दबाव बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि वे ईरान को पूरी तरह से नष्ट करने या उसे पीछे धकेलने से भी नहीं चूकेंगे। माना जा रहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना ईरान के लिए एक बड़ी चुनौती है, क्योंकि यह उसके पास एक महत्वपूर्ण रणनीतिक हथियार है।
ट्रंप का यह रुख दर्शाता है कि अमेरिका युद्धविराम के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए शर्तें बहुत सख्त हैं। फिलहाल, दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।