डोनाल्ड ट्रंप का ईरान को सख्त संदेश: संवर्धित यूरेनियम का निपटारा जरूरी
नई दिल्ली में ट्रंप का बयान
नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रही शांति वार्ता के दौरान एक कठोर रुख अपनाते हुए कहा है कि ईरान को अपना संवर्धित यूरेनियम तुरंत अमेरिका को सौंपना चाहिए या इसे अंतरराष्ट्रीय निगरानी में नष्ट करना चाहिए।
ट्रंप का स्पष्ट संदेश
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, "संवर्धित यूरेनियम को या तो तुरंत अमेरिका को सौंपा जाए, जिसे नष्ट किया जाएगा, या फिर ईरान के साथ समन्वय में मौके पर नष्ट किया जाए। इस प्रक्रिया में एटॉमिक एनर्जी कमीशन या उसके समकक्ष संगठन के गवाह के रूप में शामिल होना चाहिए।"
उन्होंने यह भी कहा कि यह निर्णय ईरान के साथ मिलकर लिया जाएगा, जिससे यह संकेत मिलता है कि दोनों देश शांति समझौते की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और ईरान कुछ शर्तों में लचीलापन दिखा रहा है।
अब्राहम समझौतों का विस्तार
ट्रंप ने अब्राहम समझौतों (Abraham Accords) को और विस्तारित करने की बात की। उन्होंने सुझाव दिया कि ईरान भविष्य में इस क्षेत्रीय शांति ढांचे का हिस्सा बन सकता है। ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ शांति वार्ता "अच्छी गति" से चल रही है, लेकिन अंतिम निर्णय में कुछ समय लग सकता है।
सभी देशों की भागीदारी आवश्यक
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ईरान के साथ शांति वार्ता में शामिल सभी देशों को अब्राहम समझौतों पर हस्ताक्षर करना अनिवार्य होगा। इन समझौतों का उद्देश्य इजराइल और अरब देशों के बीच राजनयिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंध स्थापित करना है।
उन्होंने कहा, "अमेरिका द्वारा इस जटिल समस्या को सुलझाने के प्रयासों के बाद, सभी देशों के लिए अब्राहम समझौतों पर हस्ताक्षर करना अनिवार्य होना चाहिए।" यदि कोई एक या दो देश इसके लिए तैयार नहीं होते हैं, तो उन्हें छूट दी जा सकती है।
ट्रंप ने UAE और Bahrain का उल्लेख करते हुए कहा कि ये पहले से ही समझौते का हिस्सा हैं। उन्होंने सऊदी अरब, कतर, पाकिस्तान, तुर्की, मिस्र और जॉर्डन जैसे देशों से भी इसमें शामिल होने की उम्मीद जताई।
शांति की दिशा में कदम
ट्रंप का यह बयान उस समय आया है जब वाशिंगटन और तेहरान के बीच युद्धविराम की कोशिशें तेज हो गई हैं। अमेरिका ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चिंतित है और चाहता है कि ईरान का संवर्धित यूरेनियम पूरी तरह से नष्ट या नियंत्रण में आ जाए।
ट्रंप ने ईरान को अब्राहम समझौतों में शामिल होने का निमंत्रण देते हुए कहा कि इससे पूरे मध्य पूर्व में स्थायी शांति स्थापित हो सकती है। यह कदम न केवल ईरान के परमाणु खतरे को कम करेगा बल्कि क्षेत्र में नई राजनयिक शुरुआत भी कर सकता है।