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डोनाल्ड ट्रंप का ईरान पर कड़ा बयान: सूअर की तरह छटपटा रहा है ईरान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की स्थिति को सूअर से तुलना करते हुए कहा है कि वह गंभीर संकट में है। उन्होंने ईरान के प्रस्ताव को ठुकराते हुए कहा कि जब तक ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर ठोस समझौता नहीं करता, तब तक होर्मुज नहीं खोला जाएगा। ट्रंप का कहना है कि नाकेबंदी का प्रभाव बमबारी से भी अधिक है, जिससे ईरान की अर्थव्यवस्था पर भारी दबाव पड़ रहा है। जानें इस स्थिति पर ईरान की प्रतिक्रिया और अमेरिका की संभावित रणनीतियों के बारे में।
 

ट्रंप का ईरान पर बयान

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की स्थिति को सूअर से तुलना करते हुए कहा है कि वह अत्यधिक परेशान है और उसकी स्थिति गंभीर है। ट्रंप के अनुसार, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अमेरिकी नाकेबंदी का प्रभाव बमबारी से भी अधिक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी और जब तक वह अपने परमाणु कार्यक्रम पर ठोस समझौता नहीं करता, तब तक होर्मुज को नहीं खोला जाएगा।


ईरान का प्रस्ताव और ट्रंप की प्रतिक्रिया

हाल ही में, ईरान ने अमेरिका को एक नया प्रस्ताव दिया था जिसमें कहा गया था कि यदि अमेरिका होर्मुज को खोलता है, तो ईरान भी प्रतिबंध हटा लेगा और युद्धविराम लागू करेगा। हालांकि, ट्रंप ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। उन्होंने एक्सियोस को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि ईरान नाकेबंदी समाप्त करना चाहता है, लेकिन अमेरिका ऐसा नहीं करेगा। ट्रंप का कहना है कि नाकेबंदी के कारण ईरान का तेल निर्यात रुक गया है और उसके स्टोरेज टैंक तथा पाइपलाइन खतरे में हैं।


ईरान की बढ़ती समस्याएं

ट्रंप ने कहा, “नाकेबंदी बमबारी से कहीं अधिक प्रभावी है। उनकी स्थिति स्टफ्ड पिग जैसी हो गई है और आगे की स्थिति और भी खराब होने वाली है।” रिपोर्टों के अनुसार, ईरान के पास तेल जमा करने की जगह तेजी से खत्म हो रही है, और कुछ अनुमानों के अनुसार, उसके पास केवल कुछ हफ्तों की जगह बची है। इस कारण ईरान की अर्थव्यवस्था पर भारी दबाव पड़ रहा है।


नए हमलों की संभावना और ईरान का जवाब

इस बीच, खबरें आ रही हैं कि अमेरिका ईरान पर छोटे लेकिन प्रभावी हमलों की योजना बना रहा है ताकि बातचीत में दबाव बढ़ाया जा सके। ट्रंप ने पहले ही कहा था कि वे अब और अच्छे इंसान नहीं बन सकते। ईरान की ओर से सख्त प्रतिक्रिया आई है। एक वरिष्ठ सुरक्षा सूत्र ने कहा कि अमेरिकी नाकेबंदी का जल्द ही मजबूत जवाब दिया जाएगा।

ईरान की संसद के स्पीकर ने भी कहा कि देश अपने दुश्मनों की चालों को नाकाम कर देगा। ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह अपने परमाणु कार्यक्रम पर किसी भी समझौते के लिए तैयार नहीं है।