डोनाल्ड ट्रंप का ईरान पर बड़ा बयान: समझौते के करीब, लेकिन युद्ध की चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रही वार्ता पर एक महत्वपूर्ण बयान दिया है, जिसमें उन्होंने समझौते की संभावना और युद्ध की चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि ईरान ने अमेरिका को भरोसा दिलाया है कि वह परमाणु हथियार नहीं बनाएगा। इस बीच, उन्होंने ईरान की सैन्य स्थिति पर भी टिप्पणी की और अपने कैबिनेट सहयोगियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। जानें इस बातचीत के पीछे की रणनीति और ट्रंप के विचार।
May 31, 2026, 18:25 IST
ट्रंप का ईरान के साथ बातचीत पर बयान
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रही वार्ता पर एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। ट्रंप ने ईरान को स्पष्ट चेतावनी दी है कि अमेरिका और ईरान एक 'बहुत अच्छे समझौते' के निकट हैं, लेकिन यदि वाशिंगटन को उसकी इच्छानुसार परिणाम नहीं मिलते, तो वह अन्य विकल्पों पर विचार करेगा।
लारा ट्रंप के साथ इंटरव्यू में खुलासे
ट्रंप ने यह बातें 'फॉक्स न्यूज' के लिए अपनी बहू लारा ट्रंप के साथ एक विशेष साक्षात्कार में कहीं। उन्होंने कहा, "हम एक बहुत अच्छे समझौते के बेहद करीब हैं। जल्दबाजी करने पर बेहतर डील नहीं मिलेगी। धीरे-धीरे, लेकिन निश्चित रूप से हमें वह सब मिल रहा है जो हम चाहते हैं। यदि हमें वह नहीं मिला, तो हम इसे किसी और तरीके से समाप्त करेंगे।"
युद्ध विभाग से संपर्क की चेतावनी
ईरान के रुख पर चर्चा करते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरानी लोग 'अच्छे वार्ताकार' हैं, लेकिन इस समय सभी पत्ते अमेरिका के हाथ में हैं क्योंकि ईरान सैन्य रूप से कमजोर हो चुका है। उन्होंने कहा, "अगर हम इसे शांति से कर लेते हैं, तो यह बेहतर होगा। अन्यथा, हम सीधे युद्ध विभाग से संपर्क करेंगे।"
परमाणु हथियारों पर ईरान का भरोसा
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान ने अमेरिका को आश्वासन दिया है कि वह न तो परमाणु हथियार विकसित करेगा और न ही खरीदेगा। यह ईरान के पहले के कड़े रुख से एक महत्वपूर्ण बदलाव है और इसे वार्ताओं में सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
उन्होंने बताया कि जब उन्होंने ईरानी प्रतिनिधियों से परमाणु हथियारों के संभावित परिणामों के बारे में पूछा, तो ईरान ने स्पष्ट किया कि वह इस दिशा में आगे नहीं बढ़ेगा।
ईरान की सैन्य स्थिति पर ट्रंप का बयान
डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका की कार्रवाइयों के कारण ईरान की नौसेना और वायुसेना को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि अमेरिका ने ईरान के कट्टरपंथी तत्वों और शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाया है, लेकिन कुछ अमेरिकी नेताओं के उदार रुख के कारण इस सैन्य कार्रवाई को आगे नहीं बढ़ाया गया।
कैबिनेट सहयोगियों के साथ बैठक
इस बीच, ट्रंप ने अपने कैबिनेट सहयोगियों और प्रमुख सैन्य अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की है। हालांकि, इस बैठक के बाद कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
सूत्रों के अनुसार, ट्रंप ने ईरानी अधिकारियों के साथ तैयार मसौदा समझौते में कई महत्वपूर्ण बदलावों का सुझाव दिया है, विशेष रूप से ईरान के परमाणु कार्यक्रम से संबंधित नियमों को और सख्त बनाने के लिए। ट्रंप चाहते हैं कि इस समझौते में अमेरिका की सुरक्षा चिंताओं का पूरा ध्यान रखा जाए, जिसके बाद दोनों देशों के बीच बातचीत का एक नया दौर शुरू हो गया है।