डोनाल्ड ट्रंप का क्यूबा को चेतावनी: तेल और आर्थिक मदद का होगा अंत?
ट्रंप का क्यूबा पर बड़ा बयान
नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को क्यूबा के संबंध में एक महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने कहा कि क्यूबा को अमेरिका के साथ समझौता करने में देरी नहीं करनी चाहिए। ट्रंप का यह भी कहना था कि क्यूबा लंबे समय से वेनेजुएला से मिलने वाले तेल और आर्थिक सहायता पर निर्भर है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि क्यूबा ने समझौता नहीं किया, तो उसे भविष्य में न तो तेल मिलेगा और न ही कोई आर्थिक सहायता।
क्यूबा को मिलने वाला समर्थन खत्म
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में स्पष्ट किया कि क्यूबा को अब और तेल या धन नहीं भेजा जाएगा। उन्होंने क्यूबा को सलाह दी कि वह स्थिति बिगड़ने से पहले अमेरिका के साथ बातचीत करे। यह बयान अमेरिका की क्यूबा के प्रति सख्त विदेश नीति का संकेत है, जिसमें क्यूबा पर दबाव बढ़ाने की रणनीति दिखाई देती है।
क्यूबा और वेनेजुएला के रिश्तों पर आरोप
ट्रंप ने यह भी आरोप लगाया कि क्यूबा ने वेनेजुएला के पूर्व तानाशाहों को सुरक्षा सेवाएं प्रदान की हैं। उनका कहना था कि क्यूबा की यह भूमिका अब समाप्त हो गई है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब और नहीं! यह बयान वेनेजुएला और क्यूबा के बीच के पारंपरिक संबंधों पर सीधा हमला माना जा रहा है।
वेनेजुएला में अमेरिकी सेना की भूमिका
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि हाल के अमेरिकी हमलों में कई क्यूबाई नागरिक मारे गए हैं और अब वेनेजुएला को क्यूबा की सुरक्षा सेवाओं की आवश्यकता नहीं है। उनके अनुसार, वेनेजुएला को अब अमेरिका की सैन्य ताकत का संरक्षण प्राप्त है। ट्रंप ने कहा, "अब वेनेजुएला के पास संयुक्त राज्य अमेरिका है, जो दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेना है, और हम उनकी रक्षा करेंगे।" इस बयान ने क्षेत्रीय राजनीति में नई बहस को जन्म दिया है।
मार्को रुबियो पर राजनीतिक चर्चा
इस बीच, ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट का स्क्रीनशॉट साझा किया, जिसमें कहा गया था कि मार्को रुबियो क्यूबा के राष्ट्रपति बनेंगे। उन्होंने इस पोस्ट के साथ हंसने वाला इमोजी भी साझा किया। ट्रंप की इस प्रतिक्रिया ने राजनीतिक हलकों में अटकलों को और बढ़ावा दिया है।
अमेरिका-क्यूबा संबंधों में बढ़ता तनाव
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप के बयानों से अमेरिका और क्यूबा के बीच तनाव और बढ़ सकता है। क्यूबा पहले से ही अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना कर रहा है, और इस सख्त रुख से दोनों देशों के रिश्ते और जटिल हो सकते हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्यूबा इस चेतावनी पर क्या प्रतिक्रिया देता है और क्या दोनों देशों के बीच बातचीत की कोई संभावना बनती है या नहीं।