डोनाल्ड ट्रंप का नया 10% ग्लोबल टैरिफ: क्या है इसका प्रभाव?
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का फैसला
हाल ही में, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा लगाए गए टैरिफ को अवैध ठहराया है, जिससे उन्हें एक बड़ा झटका लगा है। इसके तुरंत बाद, ट्रंप ने 10% का ग्लोबल टैरिफ लगाने की घोषणा की है। आइए जानते हैं कि यह निर्णय भारत और अन्य देशों पर किस प्रकार का प्रभाव डालेगा।
ट्रंप का टैरिफ बम
सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद, ट्रंप ने तुरंत एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए और सभी देशों से आयात पर 10% का ग्लोबल टैरिफ लागू कर दिया।
क्या भारत और अन्य देशों पर केवल 10% टैरिफ लगेगा?
ट्रंप के टैरिफ को अवैध ठहराए जाने के बाद, यह सवाल उठता है कि क्या भारत और अन्य देशों को केवल 10% टैरिफ का भुगतान करना होगा। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने पुष्टि की है कि जब तक कोई नया प्राधिकरण लागू नहीं होता, तब तक यही टैरिफ लागू रहेगा।
क्या नया टैरिफ IEEPA की जगह लेगा?
पिछले साल, ट्रंप ने 2025 के अप्रैल में अमेरिका के लिए लिब्रेशन डे घोषित करते हुए टैरिफ की घोषणा की थी, जो 10% से 50% तक था। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रपति को ऐसा करने का अधिकार नहीं है और यह केवल आपातकालीन स्थितियों में लागू होता है।
नया टैरिफ कितने समय तक रहेगा लागू?
ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट में हार के बाद, 1974 के ट्रेड एक्ट की धारा 122 के तहत 10% वैश्विक टैरिफ लगाने का आदेश दिया है, जो लगभग पांच महीने या 150 दिनों तक लागू रहेगा।
क्या ट्रंप और अधिक टैरिफ लगा सकते हैं?
इस सवाल का उत्तर ट्रंप ने खुद दिया है। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उचित टैरिफ निर्धारित करने के लिए आवश्यक जांच की जाएगी और यदि जरूरत पड़ी, तो टैरिफ बढ़ाया जा सकता है।
ट्रंप का नया ग्लोबल टैरिफ क्यों?
व्हाइट हाउस के अधिकारियों के अनुसार, अमेरिका का नया 10% ग्लोबल टैरिफ ट्रंप के संरक्षणवादी व्यापार नीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य भुगतान संतुलन की समस्याओं और अनुचित व्यापार प्रथाओं का समाधान करना है।