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डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को चेतावनी: खारग द्वीप पर हमले की संभावना

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खारग द्वीप पर संभावित हमलों की चेतावनी दी है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने हाल ही में ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं और अगर जरूरत पड़ी, तो फिर से हमले कर सकता है। खारग द्वीप, जो ईरान के कच्चे तेल निर्यात का मुख्य केंद्र है, होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट स्थित है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता की चिंता बढ़ गई है। ट्रंप ने ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर बताया और जलडमरूमध्य की सुरक्षा के लिए सहयोग की अपील की।
 

ट्रंप का खारग द्वीप पर सख्त बयान


नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खारग द्वीप को लेकर एक बार फिर गंभीर चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका इस द्वीप पर अतिरिक्त हमले कर सकता है, क्योंकि हाल के हमलों में यहां के कई सैन्य ठिकानों को पहले ही भारी नुकसान हुआ है।


संघर्ष की बढ़ती स्थिति

ट्रंप का यह बयान उस समय आया है जब अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहा संघर्ष तीसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है। इस बढ़ते तनाव ने मध्य पूर्व में अस्थिरता की आशंका को बढ़ा दिया है और वैश्विक तेल आपूर्ति पर भी असर डालने की चिंता जताई जा रही है।


खारग द्वीप पर हमलों का प्रभाव

एनबीसी न्यूज के साथ बातचीत में ट्रंप ने कहा कि हाल ही में हुए अमेरिकी हवाई हमलों ने खारग द्वीप के बड़े हिस्से को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर आवश्यक हुआ, तो अमेरिका इस द्वीप को फिर से निशाना बना सकता है। ट्रंप ने कहा, "शर्तें अभी पर्याप्त नहीं हैं," और यह भी जोड़ा कि "हम मजे के लिए एक-दो बार और कोशिश कर सकते हैं।"


खारग द्वीप का महत्व

खारग द्वीप, जो ईरान के दक्षिणी तट से लगभग 30 किलोमीटर दूर स्थित है, देश के कच्चे तेल निर्यात का लगभग 90 प्रतिशत संभालता है। यह द्वीप रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट है, जहां से दुनिया की कुल तेल आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है।


अमेरिकी बमबारी का दावा

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, हाल ही में खारग द्वीप पर किया गया हमला क्षेत्र के सबसे शक्तिशाली बमबारी अभियानों में से एक था। व्हाइट हाउस ने बताया कि अमेरिकी सेना ने यहां मौजूद सैन्य ढांचे को निशाना बनाया, लेकिन महत्वपूर्ण तेल सुविधाओं को जानबूझकर नुकसान नहीं पहुंचाया।


ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, "कुछ क्षण पहले, मेरे निर्देश पर, अमेरिका के केंद्रीय कमान ने मध्य पूर्व के इतिहास में सबसे शक्तिशाली बमबारी हमलों में से एक को अंजाम दिया और खारग द्वीप में स्थित हर सैन्य लक्ष्य को पूरी तरह से नष्ट कर दिया।"


तेल अवसंरचना पर हमला न करने का निर्णय

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने संयम बरतते हुए खारग द्वीप की तेल अवसंरचना को निशाना नहीं बनाया। उन्होंने कहा, "शिष्टाचार के कारणों से, मैंने द्वीप पर तेल अवसंरचना को नष्ट न करने का विकल्प चुना है," और चेतावनी दी कि अगर ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री यातायात को बाधित करता है तो यह फैसला बदला जा सकता है।


क्षेत्र में बढ़ता सैन्य तनाव

संघर्ष के बीच, बगदाद में अमेरिकी दूतावास परिसर के भीतर स्थित एक हेलीपैड पर मिसाइल गिरने की घटना सामने आई। वहीं, एक ईरानी ड्रोन को रोके जाने के बाद उसका मलबा फुजैराह में एक तेल संयंत्र पर गिरा। इन घटनाओं के बाद खाड़ी क्षेत्र में ऊर्जा अवसंरचना और समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं।


ईरान की चेतावनी

ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को अवरुद्ध करने की धमकी दी है और अमेरिकी सैन्य उपस्थिति वाले पड़ोसी देशों को भी निशाना बनाए जाने की चेतावनी दी है। तेहरान की संयुक्त सैन्य कमान ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने संयुक्त अरब अमीरात के बंदरगाहों का इस्तेमाल हमलों के लिए किया है।


जलडमरूमध्य की सुरक्षा के लिए अमेरिकी योजना

ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की सैन्य क्षमता पहले ही काफी कमजोर हो चुकी है। उन्होंने लिखा, "कई देश, विशेष रूप से वे देश जो ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने के प्रयास से प्रभावित हैं, संयुक्त राज्य अमेरिका के सहयोग से जलडमरूमध्य को खुला और सुरक्षित रखने के लिए युद्धपोत भेजेंगे।"


उन्होंने आगे कहा, "इस बीच, अमेरिका तटरेखा पर जमकर बमबारी करेगा और लगातार ईरानी नौकाओं और जहाजों को नष्ट करता रहेगा।"


वैश्विक तेल बाजार पर असर

ट्रंप ने उन देशों से अपील की जो खाड़ी क्षेत्र के तेल पर निर्भर हैं कि वे इस समुद्री मार्ग की सुरक्षा में सहयोग करें। उन्होंने कहा, "होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से तेल प्राप्त करने वाले देशों को उस मार्ग का ध्यान रखना चाहिए, और हम इसमें मदद करेंगे!"


विश्लेषकों का मानना है कि खारग द्वीप पर आगे किसी भी प्रकार का हमला या होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने का प्रयास इस संघर्ष को और बढ़ा सकता है, जिससे वैश्विक तेल बाजारों में गंभीर व्यवधान पैदा हो सकता है।