डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को चेतावनी: होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर गंभीर परिणाम
ट्रंप की स्पष्ट चेतावनी
नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 21 जून को कहा कि उन्होंने ईरानी अधिकारियों से रातभर बातचीत की और तेहरान को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि होर्मुज़ जलडमरूमध्य में शिपिंग को रोकने की कोशिश की गई, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।
ट्रंप का कड़ा संदेश
ट्रंप ने फॉक्स न्यूज के साथ बातचीत में कहा कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य विश्व के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान ने इसे बंद करने का प्रयास किया, तो अमेरिका इसका कड़ा जवाब देगा। उन्होंने कहा, "अगर तुम इसे बंद करोगे, तो तुम्हारा देश नहीं बचेगा। तुम अपने देश वापस नहीं लौट पाओगे।"
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका इस जलमार्ग का नियंत्रण अपने हाथ में ले सकता है और यहां से गुजरने वाले तेल जहाजों पर ट्रांजिट शुल्क लगा सकता है। ट्रंप ने कहा, "अगर बात नहीं बनी, तो हम टोल वसूलेंगे।"
युद्धविराम और शुल्क
अमेरिकी राष्ट्रपति ने बताया कि 60 दिन की युद्धविराम अवधि के दौरान कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। लेकिन यदि इस दौरान स्थायी समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका जहाजों पर शुल्क लगा सकता है। ट्रंप ने इसे अमेरिकी सेना की सेवाओं का मुआवजा बताया और खुद को पश्चिम एशिया का गार्जियन एंजेल कहा।
ईरान की प्रतिक्रिया
ट्रंप की चेतावनी ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन के बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने कहा कि ईरान यूरेनियम संवर्धन का अपना अधिकार नहीं छोड़ेगा। ट्रंप ने ईरान को सलाह दी कि उन्हें बयानबाजी कम करनी चाहिए। उन्होंने कहा, "अगर समझौते के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो हम अन्य देशों पर भी कब्जा कर सकते हैं।"
स्विट्जरलैंड में वार्ता
इस बीच, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में अच्छी प्रगति हो रही है। हालांकि, लेबनान और होर्मुज़ को लेकर मतभेद अभी भी बने हुए हैं, लेकिन कई मुद्दों पर सहमति बन रही है। कतर के विदेश मंत्रालय ने बताया कि कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता में अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों की बैठक शुरू हो गई है।
इस बैठक को लेक ल्यूसर्न समिट नाम दिया गया है। कतर ने उम्मीद जताई है कि इन बैठकों से एक व्यापक समझौता निकलेगा, जिसमें सभी मुद्दों का समाधान होगा। बातचीत जारी है और अगले कुछ दिनों में यह तय होगा कि मध्य पूर्व में तनाव कम होगा या बढ़ेगा।