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डोनाल्ड ट्रंप की चीन यात्रा: सुरक्षा कारणों से नष्ट किए गए उपहार

डोनाल्ड ट्रंप की हालिया चीन यात्रा के बाद, उनके डेलिगेशन ने सुरक्षा चिंताओं के चलते कई उपहारों को नष्ट कर दिया। जानें इस निर्णय के पीछे की वजहें और यात्रा के दौरान हुई महत्वपूर्ण चर्चाएँ। क्या यह कदम अमेरिका की सुरक्षा नीति का हिस्सा है? इस यात्रा में ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच व्यापार, तकनीकी प्रतिस्पर्धा और अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई।
 

चीन यात्रा के बाद ट्रंप का विवादास्पद निर्णय


नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तीन दिवसीय यात्रा के बाद चीन से लौटने पर एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप के डेलिगेशन ने चीन द्वारा दिए गए कई उपहारों को या तो नष्ट कर दिया या वहीं छोड़ दिया। यह कदम जासूसी और डेटा चोरी के संभावित खतरों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया।


चीन दौरे के दौरान अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल को कई प्रकार के उपहार और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण प्राप्त हुए थे, जिनमें बर्नर फोन, डेलिगेशन बैज, पहचान पत्र और अन्य सामग्री शामिल थीं। अमेरिका लौटने से पहले इन सभी वस्तुओं को इकट्ठा किया गया और एयर फोर्स वन में चढ़ने से पहले उन्हें या तो डस्टबिन में फेंक दिया गया या पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका थी कि इन वस्तुओं के माध्यम से डेटा चोरी या निगरानी की जा सकती है।


पत्रकारों द्वारा जानकारी का खुलासा


चीन में अमेरिकी प्रेस दल के साथ गई 'न्यूयॉर्क पोस्ट' की पत्रकार एमिली गुडिन ने इस मामले की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की। उन्होंने बताया कि चीन से लाए गए किसी भी सामान को विमान में ले जाने की अनुमति नहीं थी। हालांकि, इस मामले पर ट्रंप प्रशासन या वाइट हाउस की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।


सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन


विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय अचानक नहीं लिया गया, बल्कि यह अमेरिका की सुरक्षा नीति का हिस्सा है। जब भी अमेरिकी अधिकारी किसी संवेदनशील देश का दौरा करते हैं, तो विशेष सुरक्षा नियम लागू होते हैं। इन नियमों के तहत यात्रा के दौरान उपयोग किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और संवेदनशील दस्तावेजों को नष्ट कर दिया जाता है, ताकि साइबर जासूसी का खतरा न रहे। अमेरिका लंबे समय से चीन पर साइबर जासूसी और तकनीकी डेटा चोरी के आरोप लगाता रहा है, इसलिए इस दौरे में सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती गई।


ट्रंप का चीन दौरा


डोनाल्ड ट्रंप लगभग नौ साल बाद चीन पहुंचे थे। इस दौरान उनकी मुलाकात चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से हुई। यह दोनों नेताओं के बीच सातवीं आमने-सामने की बैठक थी। चर्चा के बाद, दोनों नेताओं ने चीन के ऐतिहासिक झोंगनानहाई लीडरशिप कंपाउंड में साथ समय बिताया, जो अपनी पारंपरिक चीनी वास्तुकला और खूबसूरत बागों के लिए प्रसिद्ध है।


महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा


हालांकि दौरे के दौरान दोनों देशों ने मित्रता का माहौल बनाने की कोशिश की, लेकिन कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर मतभेद अब भी बने हुए हैं। ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच मुख्य रूप से व्यापार असंतुलन, तकनीकी प्रतिस्पर्धा, ताइवान का मुद्दा और ईरान में जारी तनाव जैसे विषयों पर चर्चा हुई।