डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा में बड़ा खतरा: अंकारा में छिपा रहस्य
अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा में चौंकाने वाला खुलासा
नई दिल्ली: अमेरिकी कूटनीति और राष्ट्रपति की सुरक्षा के इतिहास में एक चौंकाने वाला सीक्रेट ऑपरेशन सामने आया है। नाटो (NATO) शिखर सम्मेलन के दौरान तुर्की की राजधानी अंकारा में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए एक ऐसी खुफिया रणनीति अपनाई गई, जिसने वैश्विक मीडिया और उच्च अधिकारियों को चौंका दिया। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान समर्थित समूहों से ट्रंप की हत्या की गंभीर साजिश के संकेत मिले थे। इस खतरे को देखते हुए अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने राष्ट्रपति को सुरक्षित निकालने के लिए एक नाटकीय योजना बनाई।
सुरक्षा पर गंभीर चिंताएं
यह घटना यह दर्शाती है कि अमेरिकी राष्ट्रपति की जान को कितना गंभीर खतरा है। 2024 के चुनावी प्रचार के दौरान भी उन पर जानलेवा हमले की कोशिश की गई थी। इस बार ईरान के बढ़ते खतरे और तुर्की में संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को यह कदम उठाना पड़ा। इस घटना के वीडियो और रिपोर्ट के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हड़कंप मच गया है।
एयरफोर्स वन का धोखा
अंकारा एयरपोर्ट पर स्थिति सामान्य दिखाने के लिए ट्रंप ने अपने आधिकारिक बोइंग विमान 'एयरफोर्स वन' में प्रवेश किया। पूरी दुनिया को लगा कि राष्ट्रपति अपने निर्धारित विमान से उड़ान भरने वाले हैं। लेकिन उनके विमान में चढ़ने के कुछ ही मिनटों बाद असली ऑपरेशन शुरू हुआ। बोइंग के पिछले हिस्से से एक एयरपोर्ट कैटरिंग ट्रक को नीचे उतारा गया।
यह साधारण फूड सप्लाई ट्रक दिखने में सामान्य था, लेकिन असलियत यह थी कि ट्रंप और उनके कुछ करीबी सहयोगी इसी कैटरिंग कंटेनर के भीतर छिपे हुए थे। ट्रक के माध्यम से उन्हें पास में खड़े एक छोटे सैन्य विमान C-32A तक पहुंचाया गया, जिसके बाद वे सुरक्षित रवाना हो गए।
गोपनीयता और पत्रकारों को भ्रमित करना
इस ऑपरेशन को इतनी गोपनीयता से रखा गया था कि एयरफोर्स वन में सवार अमेरिकी पत्रकारों और अधिकारियों को भी इसकी भनक नहीं लगी। वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, उड़ान के दौरान पत्रकारों को अपने केबिन की खिड़कियों के पर्दे बंद रखने के निर्देश दिए गए थे। जब संवाददाताओं ने खिड़कियों को ढकने का कारण पूछा, तो ट्रंप ने मजाक में कहा कि वे शायद एक बेहद खतरनाक उड़ान पर थे, लेकिन 'अगर मैं जाता हूं, तो आप भी जाएंगे'। इस खतरे को देखते हुए अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने राष्ट्रपति को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए एक नाटकीय योजना बनाई।