×

डोनाल्ड ट्रंप के विवादास्पद बयान पर उठे सवाल, F-15 विमानों के नुकसान को बताया मामूली

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में F-15 विमानों के नुकसान को मामूली बताते हुए विवादास्पद बयान दिया है। उनके इस बयान ने रक्षा विशेषज्ञों और सोशल मीडिया पर बहस को जन्म दिया है। ट्रंप ने कहा कि सभी पायलट सुरक्षित हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना अधिक गंभीर थी। जानें इस पर क्या प्रतिक्रियाएँ आईं और ईरान के दावों के बारे में क्या कहा गया।
 

ट्रंप का विवादास्पद बयान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने विवादास्पद बयानों के कारण सुर्खियों में हैं। बुधवार को ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए, उन्होंने ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच 'फ्रेंडली फायर' के तहत तीन अमेरिकी F-15 लड़ाकू विमानों के नष्ट होने की घटना को हल्का बताया। ट्रंप के इस बयान ने रक्षा विशेषज्ञों और सोशल मीडिया पर नई बहस को जन्म दिया है।


ट्रंप का तर्क

उन्होंने कहा कि यह कोई बड़ी घटना नहीं थी, क्योंकि सभी पायलट सुरक्षित बच गए। ओवल ऑफिस में बात करते हुए, ट्रंप ने 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के दौरान 90 मिलियन डॉलर के F-15 विमानों के गिरने को "एक छोटी सी चूक" करार दिया। अमेरिकी सेना ने स्वीकार किया था कि ये विमान गलती से कुवैती वायु रक्षा द्वारा मार गिराए गए थे। ट्रंप ने कहा, "हमने अपनी मिसाइलों से तीन विमान मार गिराए। वे संयोग से हमारे ही विमान थे। लेकिन क्या आप सोच सकते हैं कि पायलट बच गए?"


पायलटों की सुरक्षा

US सेंट्रल कमांड ने पुष्टि की थी कि तीनों विमानों में सवार सभी छह क्रू सदस्य सुरक्षित बाहर निकल आए। राष्ट्रपति ने कहा, "पायलटों ने देखा कि क्या होने वाला है। उन्होंने कहा कि वे 'पैट्रियट' मिसाइलें हैं, हम 'पैट्रियट' से बच नहीं पाएंगे। इसलिए वे वहां से जल्दी निकल गए।"


विश्लेषकों की राय

ट्रंप ने इस घटना का कारण कुवैत द्वारा 'पैट्रियट' मिसाइलों के उपयोग को बताया, लेकिन रक्षा विशेषज्ञों ने इस पर असहमति जताई। उन्होंने वीडियो फुटेज का हवाला देते हुए कहा कि यह हवा से हवा में लड़ाई का मामला था। विशेषज्ञों का मानना है कि कुवैती लड़ाकू विमानों ने गलती से अमेरिकी विमानों को दुश्मन समझकर मार गिराया।


सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया

ट्रंप की टिप्पणियों पर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएँ आईं। एक यूजर ने लिखा, "अपने ही पायलटों को मार गिराने की घटना को जीत के रूप में पेश करना पागलपन है।" एक अन्य ने कहा, "वह केवल शर्मिंदगी और मजाक के पात्र हैं।"


ईरान का दावा

ईरान के सरकारी मीडिया ने दावा किया कि उनकी हवाई सुरक्षा प्रणाली ने होर्मुज़ द्वीप के पास एक अमेरिकी F-15 विमान को मार गिराया था, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों ने इसे गलत बताया।


F-35 विमान की स्थिति

इससे पहले, एक अमेरिकी F-35 लड़ाकू विमान को ईरानी हवाई क्षेत्र में उड़ान भरते समय नुकसान पहुँचा था, जिसके कारण उसे आपातकालीन लैंडिंग करनी पड़ी। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा कि विमान को "निशाना बनाया गया था और उसे गंभीर नुकसान पहुँचा था।"