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डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ बातचीत के अगले चरण पर आशा जताई

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ बातचीत के अगले चरण को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि समझौता सफल होना चाहिए और अगले चरण में बातचीत सरल होगी। ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका ईरान में कोई आर्थिक मदद नहीं करेगा। बातचीत के अगले चरण में ईरान के परमाणु कार्यक्रम और आर्थिक राहत के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। जानें इस समझौते का उद्देश्य और इसके पीछे की रणनीति।
 

ट्रंप का ईरान के साथ समझौता

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ बातचीत के अगले चरण को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं। उन्होंने पश्चिम एशिया में तनाव को समाप्त करने के लिए इस्लामिक रिपब्लिक के साथ शांति समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद कहा कि बातचीत का अगला चरण वास्तव में सरल होगा। इसके साथ ही, उन्होंने उन रिपोर्टों को खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि समझौते के तहत अमेरिका तेहरान को आर्थिक सहायता प्रदान करेगा। फ्रांस के एवियन में G7 शिखर सम्मेलन के दौरान कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी के साथ द्विपक्षीय वार्ता में ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ समझौता हो चुका है और इसे एक निष्पक्ष और सकारात्मक समझौता बताया।


बातचीत के अगले चरण की तैयारी

ट्रंप ने कहा, 'ईरान के साथ हमारा समझौता हो गया है और यह सफल होना चाहिए। अब यह दूसरे चरण में जा रहा है, जो मुझे लगता है कि वास्तव में आसान होगा।' उन्होंने बातचीत के पहले चरण के दौरान ईरान के खिलाफ हाल की सैन्य कार्रवाई का भी उल्लेख किया। ट्रंप ने कहा कि वे हमले से बचना चाहते थे, लेकिन परिस्थितियों ने उनके प्रशासन को सीमित विकल्प दिए। उन्होंने कहा, 'मैं पिछले हफ्ते उन पर हमला नहीं करना चाहता था, लेकिन हमारे पास कोई विकल्प नहीं था।'


अर्थव्यवस्था पर ट्रंप का स्पष्ट रुख

ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका किसी समझौते के तहत ईरान में निवेश नहीं करेगा। उन्होंने ऐसी खबरों को बेतुका बताया और कहा, 'हम ईरान में कोई पैसा निवेश नहीं कर रहे हैं।' उन्होंने दोहराया कि अमेरिका का रुख स्पष्ट है और ईरान में निवेश करने की कोई बाध्यता नहीं है।


बातचीत के अगले चरण के मुद्दे

CNN की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने बताया कि बातचीत के अगले चरण में ईरान के परमाणु कार्यक्रम के तकनीकी पहलुओं, तेहरान को आर्थिक राहत देने से जुड़े मुद्दों और होर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के तरीकों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसके अलावा, खाड़ी देशों द्वारा वित्तपोषित 300 बिलियन अमेरिकी डॉलर के प्रस्तावित पुनर्निर्माण कोष पर भी चर्चा होगी। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि ईरान को पुनर्निर्माण कोष तक 'पहुंच मिल सकती है', बशर्ते वह समझौते में उल्लिखित कुछ शर्तों को पूरा करे।


समझौते का उद्देश्य

ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ समझौता पूरा हो गया है और शुक्रवार को समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद रणनीतिक जलमार्ग फिर से खुल जाएगा। उन्होंने कहा कि इस 'शानदार समझौते' का उद्देश्य पूरे क्षेत्र में शांति और सुरक्षा लाना है।