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डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले की दी धमकी, खार्ग द्वीप पर नजर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले की चेतावनी दी है, जिसके बाद अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर बमबारी की। ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है। खार्ग द्वीप, जो ईरान के तेल निर्यात का मुख्य केंद्र है, पर अमेरिका की नजर है। जानें इस बढ़ते तनाव के पीछे की कहानी और संभावित परिणाम।
 

ट्रंप का ईरान पर हमला करने का इरादा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आज रात ईरान पर एक बड़ा हमला करने की चेतावनी दी है। बुधवार को अमेरिकी नौसेना ने ईरान के एक बड़े क्षेत्र पर बमबारी की, जिसके जवाब में ईरान ने खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया। इस बीच, एयर कनाडा ने 24 अक्टूबर तक तेल अवीव और दुबई की उड़ानों को रद्द कर दिया है, जो मध्य पूर्व के वर्तमान हालात को देखते हुए लिया गया निर्णय है।


ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल पर लिखा, 'अमेरिका आज रात ईरान पर एक जबरदस्त हमला करेगा। ईरान की नौसेना, वायुसेना, रडार, एंटी-एयरक्राफ्ट और अन्य सभी प्रकार के डिफेंस सिस्टम के साथ-साथ उनकी अधिकांश हमलावर क्षमताएं समाप्त हो चुकी हैं। भविष्य में हम खार्ग द्वीप और अन्य तेल से जुड़े बुनियादी ढांचे पर नियंत्रण कर लेंगे, ठीक वैसे ही जैसे हमने वेनेजुएला के मामले में किया था, जो दोनों देशों के लिए लाभकारी साबित हुआ है।'


खार्ग द्वीप पर अमेरिका की नजर

अमेरिका की नजर ईरान के खार्ग द्वीप पर है, जो ईरान के तेल निर्यात का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां से लगभग 90 प्रतिशत कच्चा तेल दुनिया के विभिन्न हिस्सों में भेजा जाता है। यदि अमेरिका ने खार्ग द्वीप पर हमला किया, तो यह पूरे मध्य पूर्व में युद्ध को भड़का सकता है।


अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराने पर अमेरिका की प्रतिक्रिया

हाल ही में ईरान ने अमेरिका के एक अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराया है, जिसके बाद अमेरिकी सेना ने ईरान पर हमलों की एक नई श्रृंखला शुरू की है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने आत्मरक्षा को हमले का कारण बताया है। सेना के अनुसार, ईरान में उनकी सैन्य निगरानी क्षमताओं, संचार प्रणालियों और हवाई रक्षा स्थलों पर हमले किए गए हैं, जिसमें सटीक निर्देशित गोला-बारूद का उपयोग किया गया।


ईरान का जवाबी हमला

अमेरिकी हमलों के जवाब में, ईरान ने बहरीन, जॉर्डन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन दागे। कुवैत के रक्षा मंत्रालय का दावा है कि उसने पिछले 48 घंटों में 24 ड्रोन को रोक दिया है, और इन हमलों में कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है।