डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हवाई हमले रोकने का लिया बड़ा फैसला, कूटनीति को दिया मौका
नई दिल्ली में ट्रंप का निर्णय
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अचानक ईरान पर हवाई हमलों को रोकने का आदेश दिया है। यह अमेरिकी सैन्य कार्रवाई पर 13 दिनों के भीषण बमबारी अभियान के बाद पहली बार रोक है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पेंटागन से नया स्ट्राइक प्लान मिलने के बावजूद, ट्रंप ने सेना को ताजा हमले न करने का निर्देश दिया। व्हाइट हाउस ने इस निर्णय पर कोई विस्तृत बयान नहीं दिया है, लेकिन प्रशासन के कदमों से यह स्पष्ट है कि वाशिंगटन अब सैन्य टकराव बढ़ाने के बजाय कूटनीतिक बातचीत को प्राथमिकता देना चाहता है।
कूटनीति को प्राथमिकता देने की रणनीति
ट्रंप प्रशासन का मानना है कि हमलों को रोकने से कूटनीतिक वार्ताओं के लिए अनुकूल माहौल बनेगा। हालांकि, अमेरिका ने जरूरत पड़ने पर हमले फिर से शुरू करने का विकल्प अपने पास रखा है। शुक्रवार को संवाददाताओं से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना पूरी तरह से तैयार है, लेकिन इस समय ईरान के साथ समझौता करना 'सबसे समझदारी भरी रणनीति' होगी। उन्होंने बताया कि हम इस समय उनसे बातचीत कर रहे हैं और जैसे-जैसे दिन बीत रहे हैं, वे वार्ता के लिए अधिक गंभीर होते जा रहे हैं।
मिसाइल डिफेंस स्टॉक में कमी
हवाई हमलों को रोकने का एक महत्वपूर्ण कारण पेंटागन में मिसाइल रक्षा प्रणालियों की घटती सूची के बारे में चिंता है। 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' की रिपोर्ट के अनुसार, वरिष्ठ अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने राष्ट्रपति को चेतावनी दी थी कि अभियान को बढ़ाने से मध्य पूर्व में तैनात पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों और अन्य हवाई रक्षा प्रणालियों का भंडार खतरनाक रूप से कम हो सकता है।
ट्रंप का अमेरिकी सेना के प्रति दृष्टिकोण
जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन ने ट्रंप को बताया कि अमेरिकी सेना व्यापक हमले के लिए सक्षम है, लेकिन ऐसा करने से अमेरिकी सेंट्रल कमान के इंटरसेप्टर मिसाइल स्टॉक पर अत्यधिक दबाव पड़ेगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि पेंटागन ने हाल के महीनों में 1,200 से अधिक पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों का उपयोग किया है, जिससे अमेरिकी सैनिकों और उनके सहयोगियों पर ईरानी जवाबी हमलों का जोखिम बढ़ सकता है।
संयम बरतने की सलाह
CNN की एक रिपोर्ट के अनुसार, व्हाइट हाउस में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और जनरल डैन केन ने युद्ध के विस्तार को लेकर गंभीर चिंताएं व्यक्त की थीं। जनरल केन ने केवल हथियारों की कमी ही नहीं, बल्कि युद्ध के क्षेत्रीय स्वरूप लेने के संभावित घातक परिणामों के प्रति भी सचेत किया।
सैन्य अभियान को 'पॉज' पर रखा गया
रक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार, ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान को फिलहाल 'पॉज' पर रखा गया है। ट्रंप के सलाहकारों ने यह सवाल उठाया कि क्या अतिरिक्त सैन्य हमलों से बड़ा क्षेत्रीय युद्ध छेड़े बिना वाशिंगटन के रणनीतिक उद्देश्यों को हासिल किया जा सकता है या नहीं।
ओमान की मध्यस्थता
हमलों पर रोक का यह समय कूटनीतिक हलचलों के तेज होने से भी जुड़ा हुआ है। एक्सियोस के अनुसार, ट्रंप का निर्णय ओमान के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के तेहरान पहुंचने के ठीक बाद आया। यह प्रतिनिधिमंडल वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए संवेदनशील 'हॉर्मुज जलडमरूमध्य' को सुरक्षित रूप से फिर से खोलने के लिए समझौता कराने का प्रयास कर रहा है। खाड़ी देशों ने भी वाशिंगटन से संयम बरतने और कूटनीतिक प्रयासों को जारी रखने की अपील की है।