डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान के नेताओं की सराहना की, भारत के साथ युद्ध को रोकने का किया दावा
ट्रंप की पाकिस्तान के नेताओं के प्रति प्रशंसा
नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की प्रशंसा की है। ट्रंप ने इन नेताओं को 'असाधारण व्यक्ति' बताते हुए भारत के साथ संभावित युद्ध को टालने के अपने पूर्व दावे को दोहराया।
सोशल मीडिया पर ट्रंप का बयान
रविवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में, ट्रंप ने कहा कि पाकिस्तान में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक 'अत्यंत सक्षम नेतृत्व' के तहत हुई थी। उन्होंने इस बैठक के माध्यम से क्षेत्रीय स्थिरता के प्रयासों की सराहना की, जबकि भारत ने पहले ही उनके दावों को खारिज कर दिया है।
भारत के साथ युद्ध को रोकने का दावा
ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल पोस्ट में लिखा, 'मुझे उपराष्ट्रपति जेडी वैंस, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर द्वारा इस्लामाबाद में फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के नेतृत्व में हुई बैठक के बारे में जानकारी मिली है।' उन्होंने कहा कि ये नेता भारत के साथ संभावित बड़े युद्ध को रोकने के लिए उनका आभार व्यक्त करते हैं।
30 से 50 मिलियन लोगों की जान बचाने का दावा
ट्रंप ने कहा, 'वे बहुत असाधारण व्यक्ति हैं, और भारत के साथ होने वाले एक भयावह युद्ध में 30 से 50 मिलियन लोगों की जान बचाने के लिए वे लगातार मेरा आभार व्यक्त करते हैं।' हालांकि, भारत ने इस दावे को पहले ही खारिज कर दिया है।
भारत-पाक संघर्ष और ऑपरेशन सिंदूर
भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष पिछले साल 7 मई को 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत शुरू हुआ था, जो पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में था। 10 मई को युद्धविराम की घोषणा हुई, जिसका श्रेय ट्रंप लेते रहे हैं।
अमेरिका-ईरान वार्ता का नतीजा
इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच छह सप्ताह से चल रही वार्ता किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। दोनों देशों ने एक-दूसरे को विफलता के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
जेडी वैंस और ईरानी नेताओं के बयान
अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने कहा, 'बुरी खबर यह है कि हम किसी समझौते पर नहीं पहुंच पाए हैं।' वहीं, ईरान के संसदीय अध्यक्ष ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह तेहरान का विश्वास जीतने में असफल रहा है।
परमाणु मुद्दा बना मुख्य बाधा
वार्ता में सबसे बड़ा विवाद ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर रहा। ट्रंप ने कहा, 'ईरान अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाओं को छोड़ने को तैयार नहीं है।'
युद्धविराम बनाए रखने की अपील
ईरानी मीडिया के अनुसार, अमेरिका की 'अत्यधिक' मांगें समझौते में बाधा बनीं। पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने युद्धविराम को बनाए रखना 'अत्यंत आवश्यक' बताया है।