डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के चुनावी प्रणाली की सराहना की
डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के चुनावी प्रणाली की प्रशंसा की है, यह कहते हुए कि अमेरिका को इससे सीखना चाहिए। उन्होंने भारत के वोटर आईडी कार्ड प्रणाली की सराहना की और अमेरिका में चुनावी सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। ट्रंप का यह बयान भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त के सवाल पर आधारित है, जिसमें उन्होंने अमेरिका में बिना पहचान पत्र के मतदान की प्रक्रिया पर सवाल उठाया। जानें इस पर ट्रंप और अमेरिकी राजदूत का क्या कहना है।
Aug 18, 2026, 13:35 IST
ट्रंप का भारत के चुनावी प्रक्रिया पर बयान
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के एक सवाल का उल्लेख करते हुए अमेरिका को चुनावी प्रक्रिया में सुधार के लिए प्रेरित किया है। ट्रंप ने कहा कि यदि भारत करोड़ों लोगों से बिना किसी धांधली के मतदान करवा सकता है, तो अमेरिका ऐसा क्यों नहीं कर सकता? उन्होंने भारत के लोकतंत्र की प्रशंसा करते हुए कहा कि इसकी गूंज आज पूरी दुनिया में सुनाई दे रही है। ट्रंप ने भारत के वोटर आईडी कार्ड प्रणाली की सराहना की और इसे अमेरिका के लिए एक उदाहरण बताया।
ट्रंप का सोशल मीडिया पर बयान
यह चर्चा ट्रंप के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दिए गए एक बयान से शुरू हुई। उन्होंने बताया कि ज्ञानेश कुमार ने अमेरिकी प्रशासन से सवाल किया कि अमेरिका में बिना वैध फोटो पहचान पत्र के चुनाव कैसे हो सकते हैं? ट्रंप ने इस सवाल को आधार बनाते हुए अमेरिका में 'सेव अमेरिका एक्ट' को तुरंत लागू करने की मांग की। उन्होंने भारत के हालिया आम चुनावों के आंकड़ों का भी उल्लेख किया, जिसमें 64 करोड़ 60 लाख लोगों ने मतदान किया और हर वोटर के पास वैध फोटो पहचान पत्र था।
अमेरिका में चुनावी सुधार की आवश्यकता
ट्रंप ने तर्क दिया कि जब भारत जैसी विशाल आबादी पारदर्शिता के साथ मतदान करवा सकती है, तो अमेरिका में बिना पहचान पत्र के वोटिंग एक चुनावी धोखाधड़ी को बढ़ावा देती है। इसके बाद, भारत में अमेरिकी राजदूत सर्गियो गौर ने भी ट्रंप के विचारों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि भारत ने यह साबित कर दिया है कि तकनीक और पहचान पत्र के माध्यम से सुरक्षित चुनाव कैसे आयोजित किए जा सकते हैं। अमेरिका में वोट डालने के लिए अब फोटो आईडी कार्ड अनिवार्य होगा और डाक द्वारा मतदान पर पाबंदी लगाई जाएगी।