तुर्की और पाकिस्तान का इस्लामिक नाटो सपना: संकट में दोनों देश
इस्लामिक नाटो का सपना
तुर्की के राष्ट्रपति रेचेब तैयब एर्दोआन और पाकिस्तान के फेल्ड मार्शल आसिम मुनीर ने एक साथ मिलकर इस्लामिक नाटो का एक बड़ा सपना देखा। इस योजना में एर्दोआन इस्लामिक दुनिया के खलीफा बनने का इरादा रखते थे, जबकि मुनीर को इस्लामिक नाटो का सेना प्रमुख बनने की उम्मीद थी। हालांकि, ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष ने इस सपने को धूमिल कर दिया।
कुछ महीने पहले, पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच एक महत्वपूर्ण रक्षा समझौता हुआ था, जिसमें यह तय किया गया था कि यदि किसी एक देश पर हमला होता है, तो दोनों देश एक साथ लड़ेंगे। यह इस्लामिक नाटो की नींव मानी गई। मुनीर का उद्देश्य इस संगठन में तुर्की, जॉर्डन, मिस्र, कतर, लीबिया, बहरीन, यूएई और कुवैत जैसे देशों को शामिल करना था।
एर्दोआन की महत्वाकांक्षा
तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोआन इस्लामिक नाटो में गहरी रुचि दिखा रहे थे। मुनीर ने बार-बार यह बताया कि पाकिस्तान का न्यूक्लियर बम इस्लामिक दुनिया की परमाणु शक्ति है। हाल ही में, मुनीर और एर्दोआन की बैठक होने वाली थी, जिसमें इस्लामिक नाटो के लिए अन्य मुस्लिम देशों को शामिल करने की योजना बनाई गई थी। लेकिन ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच संघर्ष ने इस बैठक से पहले ही इस्लामिक नाटो के सपने को धूमिल कर दिया।
अब पाकिस्तान और तुर्की दोनों संकट में हैं। मुनीर को ईरान से धमकी मिली है, जिसमें कहा गया है कि ईरान पाकिस्तान को भी तबाह कर सकता है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड ने स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान को ईरानी मिसाइलों से खतरा है।
ईरान की धमकियाँ
ईरान का आरोप है कि अमेरिका पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र का उपयोग कर रहा है। आईआरजीसी ने पाकिस्तान से कहा है कि वह अमेरिका के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद करे, अन्यथा उसे ईरानी मिसाइल हमलों का सामना करना पड़ेगा। ईरान ने पहले ही कई हमले किए हैं, और यदि वह पाकिस्तान पर हमला करता है, तो इस्लामिक नाटो का सपना देखने वाले पाकिस्तान का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा।
ईरान कराची पोर्ट को निशाना बना सकता है, जिससे पाकिस्तान में तेल का आयात रुक जाएगा। इसके अलावा, ईरान पाकिस्तान की रिफाइनरीज को भी नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को भारी झटका लगेगा।
पाकिस्तान की स्थिति
ईरान के संभावित हमलों के कारण पाकिस्तान का शेयर बाजार पहले ही गिर चुका है। यदि ईरान ने पाकिस्तान के नूर खान एयरबेस को निशाना बनाया, तो इससे पाकिस्तान की सैन्य क्षमता पर गंभीर असर पड़ेगा। ईरान के मिसाइल हमलों से कराची, जो पाकिस्तान का सबसे महत्वपूर्ण शहर है, को भारी नुकसान हो सकता है।
ग्वादर, जो पाकिस्तान का एक और महत्वपूर्ण बंदरगाह है, भी ईरान के हमलों का शिकार हो सकता है। यदि कराची को नुकसान पहुंचा, तो पाकिस्तान की स्थिति और भी गंभीर हो जाएगी।