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तेल अवीव की फ्लाइट में चाकूबाजी: क्या है ओमानी को-पायलट का असली मकसद?

दुबई से तेल अवीव की उड़ान में चाकूबाजी की घटना ने वैश्विक स्तर पर हलचल मचा दी है। इजरायल के प्रधानमंत्री ने इसे इस्लामिक कट्टरपंथ से जोड़ा है। ओमानी को-पायलट की पहचान और उसके धार्मिक विचारों पर चर्चा हो रही है। क्या यह एक जिहादी हमले की कोशिश थी? जानें इस मामले में शामिल देशों की जांच और घायल भारतीय कैप्टन की स्थिति के बारे में।
 

दुनिया को हिला देने वाली घटना


नई दिल्ली: दुबई से तेल अवीव की ओर जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में चाकूबाजी की घटना ने वैश्विक स्तर पर हलचल मचा दी है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे इस्लामिक कट्टरपंथ से जोड़ा है। उन्होंने फॉक्स न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि हमले का आरोपी ओमानी को-पायलट कट्टर धार्मिक विचारों से प्रभावित था।


हमलावर की पहचान और जांच

नेतन्याहू ने यह भी कहा कि जल्द ही यह स्पष्ट होगा कि क्या को-पायलट का ईरान से कोई संबंध था। हालांकि, हमलावर की पहचान अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है। घटना के 24 घंटे बाद भी सऊदी अरब और UAE ने इस मामले में कोई जानकारी नहीं दी है। हमलावर को सऊदी अरब में गिरफ्तार किया गया है।


धार्मिक विचारधारा का प्रभाव

साथी पायलट की टिप्पणी


एक साथी पायलट ने ओमानी को-पायलट को 'मजहबी चरमपंथी' बताया है। इजरायल के Ynet न्यूज के अनुसार, इस घटना को जिहादी आतंकवादी हमले की कोशिश माना गया है और इसकी जांच मोसाद और शिन बेट द्वारा की जा रही है।


तेल अवीव के चैनल 16 के संपादक योसेफ इजरायल ने बताया कि आरोपी पायलट दिनभर प्रार्थना करता था और महिलाओं से हाथ मिलाने से भी मना करता था। हालांकि, केवल धार्मिक होना यह साबित नहीं करता कि उसने विमान को गिराने की कोशिश की। असली कारण की जांच के बाद ही सामने आएगा।


जांच में शामिल देश

कई देशों की संयुक्त जांच


एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सऊदी अरब, UAE, अमेरिका, ओमान और इजरायल मिलकर इस मामले की जांच कर रहे हैं। अधिकारी ने कहा कि आतंकवाद और मानसिक स्वास्थ्य के सभी पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है। इजरायल की पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के निदेशक हेलिट बारेल ने कहा कि यह घटना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर है। यह 9/11 जैसा हमला हो सकता था, लेकिन बहादुर क्रू के कारण टल गया।


इस बीच, घायल भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार को बेहतर चिकित्सा के लिए सऊदी अरब के तबुक से अबू धाबी एयरलिफ्ट किया जा रहा है। उनकी स्थिति स्थिर है और भारतीय दूतावास उनके परिवार के संपर्क में है।