तेल अवीव में पुरिम का त्योहार: जश्न की जगह चिंता का माहौल
तेल अवीव का डिजेंगॉफ स्क्वायर: एक अलग अनुभव
तेल अवीव का डिजेंगॉफ स्क्वायर, जो आमतौर पर पुरिम के दौरान भीड़ से भरा रहता है, इस बार सुनसान था। दुकानें बंद थीं और कैफे आधे खुले थे। लोग जल्दी-जल्दी चलते हुए नजर आए, और हर चेहरे पर हल्की चिंता की लकीरें थीं। त्योहार का दिन था, लेकिन माहौल में जश्न की कमी थी। रंग-बिरंगे कपड़ों की जगह सायरन की आवाजें गूंज रही थीं।
शेल्टर में मनाया गया त्योहार
इस बार कई परिवारों ने त्योहार को शेल्टर में मनाने का निर्णय लिया। कार पार्किंग के नीचे सुरक्षित कमरों में बच्चे रंगीन कपड़े पहने हुए थे। कुछ ने मास्क भी पहन रखे थे और हल्की मिठाई बांटते नजर आए। ऊपर शहर में खामोशी थी, जबकि नीचे लोग एक-दूसरे को हिम्मत दे रहे थे। त्योहार छोटा था, लेकिन भावना में कोई कमी नहीं थी।
सायरन का नया संगीत
पुरिम के दिन आमतौर पर तेज संगीत बजता है, लेकिन इस बार सायरन ने उसकी जगह ले ली। फोन पर लगातार अलर्ट आते रहे, और लोग सेकंड गिनते रहे। जैसे ही चेतावनी मिलती, सभी शेल्टर की ओर दौड़ पड़ते। यह अब एक नया रुटीन बन चुका है। डर कम दिखाई देता है, लेकिन तैयारी अधिक नजर आती है।
जंग का असर: आदतें बदल गईं
7 अक्टूबर 2023 के बाद से स्थिति में बदलाव आया है। हमास के हमले के बाद इजरायल लगातार हमलों का सामना कर रहा है। गाजा, लेबनान और अब ईरान से भी खतरा बढ़ गया है। लोग अब हमेशा तैयार रहते हैं, बैग पैक रखते हैं और पावर बैंक चार्ज रखते हैं। बच्चों को भी सायरन का अर्थ समझ में आ गया है।
डर अब सामान्य हो गया?
स्थानीय निवासियों का कहना है कि घबराहट पहले जैसी नहीं रही। जून 2025 में ईरान के साथ तनाव बढ़ा था, तब हालात अधिक कठिन थे। अब लोग शांत रहते हैं और जानते हैं कि उन्हें कुछ सेकंड मिलते हैं। शायद यही अब 'न्यू नॉर्मल' है।
क्या जनता ऑपरेशन के साथ है?
तेल अवीव में हुए एक सर्वेक्षण में अधिकांश लोगों ने ईरान को एक बड़ी सुरक्षा चुनौती माना। कई का मानना है कि देश को अपनी सुरक्षा के लिए कठोर कदम उठाने चाहिए। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों के बाद तनाव और बढ़ गया। लोगों को लगने लगा कि टकराव टलने वाला नहीं है।
क्या फिर से लौटेगा जश्न?
पुरिम आमतौर पर रंग, संगीत और मस्ती का त्योहार होता है, जो होली के समान माना जाता है। इस बार जश्न सीमित रहा, लेकिन उम्मीदें खत्म नहीं हुई हैं। लोग कहते हैं कि अगली बार स्क्वायर फिर से भरेगा और रंग फिर से उड़ेंगे। अभी शेल्टर में जो हंसी है, वह आगे खुली सड़कों तक पहुंचेगी।