थाईलैंड में राजनीतिक संकट: प्रधानमंत्री पैतोंगटार्न शिनावात्रा की बर्खास्तगी के बाद कौन होगा अगला नेता?
पैतोंगटार्न शिनावात्रा की बर्खास्तगी
पैतोंगटार्न शिनावात्रा: थाईलैंड में राजनीतिक उथल-पुथल के बीच, अदालत ने प्रधानमंत्री पैतोंगटार्न शिनावात्रा को उनके पद से हटा दिया है। अदालत ने उन्हें नैतिक मानकों के उल्लंघन का दोषी ठहराया, जिससे उनका कार्यकाल अचानक समाप्त हो गया।
लीक कॉल का विवाद
लीक कॉल बना विवाद का कारण
शुक्रवार को अदालत के निर्णय में कहा गया कि पैतोंगटार्न ने कंबोडिया के एक पूर्व नेता के साथ की गई फोन कॉल में नियमों का उल्लंघन किया। यह कॉल मीडिया में लीक हो गई थी, जिसके बाद उन्हें सार्वजनिक आलोचना का सामना करना पड़ा। अदालत ने माना कि इस कॉल ने संवैधानिक जिम्मेदारियों और नैतिक मूल्यों को नुकसान पहुंचाया।
संवैधानिक अयोग्यता
संवैधानिक अयोग्यता का हवाला
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पैतोंगटार्न अब संविधान के तहत प्रधानमंत्री पद के लिए अयोग्य हैं। इसके परिणामस्वरूप, उनके खिलाफ कार्रवाई का मार्ग प्रशस्त हुआ और उन्हें पद से हटा दिया गया।
कार्यवाहक प्रधानमंत्री की नियुक्ति
कार्यवाहक प्रधानमंत्री की नियुक्ति
प्रधानमंत्री पद से बर्खास्तगी के बाद, उप प्रधानमंत्री फुमथम वेचायाचाई को सरकार की कमान सौंपी गई है। वे कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में मंत्रिमंडल के साथ मिलकर प्रशासन का संचालन करेंगे, यह व्यवस्था तब तक जारी रहेगी जब तक संसद नए प्रधानमंत्री का चुनाव नहीं कर लेती।
प्रधानमंत्री पद के संभावित दावेदार
प्रधानमंत्री पद के संभावित दावेदार
फ्यू थाई पार्टी की ओर से 77 वर्षीय चाइकासेम नीतिसिरी एक प्रमुख उम्मीदवार हैं। वे पूर्व न्याय मंत्री और अटॉर्नी जनरल रह चुके हैं। हालांकि वे सार्वजनिक मंच पर कम सक्रिय रहे हैं, लेकिन उन्होंने नेतृत्व संभालने की इच्छा जताई है।
अन्य दावेदार
अनुतिन चार्नविराकुल का नाम चर्चा में
अनुतिन चार्नविराकुल, जो पहले आंतरिक मंत्री और उप प्रधानमंत्री रह चुके हैं, भी एक मजबूत दावेदार हैं। उनकी पार्टी भूमजैथाई ने हाल ही में पैतोंगटार्न के गठबंधन से खुद को अलग कर लिया था, जिससे उनके दावे को और बल मिला है।
अन्य संभावित चेहरे
अन्य संभावित चेहरे
इसके अलावा, ऊर्जा मंत्री पिरापन सलीरथविभागा, पूर्व उप-प्रधानमंत्री जुरिन लक्सनाविसित, और पूर्व प्रधानमंत्री प्रयुथ चान-ओचा भी इस दौड़ में शामिल हो सकते हैं। प्रयुथ चान-ओचा ने 2014 में तख्तापलट किया था, लेकिन अब वे सक्रिय राजनीति से संन्यास लेकर शाही सलाहकार की भूमिका में हैं।
प्रधानमंत्री चुने जाने की प्रक्रिया
प्रधानमंत्री चुने जाने की प्रक्रिया
संसद में प्रधानमंत्री बनने के लिए किसी भी उम्मीदवार को पहले कम से कम 50 सांसदों का समर्थन प्राप्त करना होगा ताकि उनका नाम मतदान के लिए प्रस्तुत किया जा सके। इसके बाद, निचले सदन के 492 सदस्यों में से 247 से अधिक मत मिलने चाहिए। यदि कोई उम्मीदवार बहुमत नहीं जुटा पाता, तो यह प्रक्रिया दोहराई जाती है और तब तक चलती है जब तक कोई प्रधानमंत्री चुन नहीं लिया जाता। इस प्रक्रिया के लिए कोई निश्चित समय सीमा निर्धारित नहीं है।