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दक्षिण कोरिया और अमेरिका ने संयुक्त सैन्य अभ्यास की अवधि घटाई

दक्षिण कोरिया और अमेरिका ने अपने संयुक्त सैन्य अभ्यास की अवधि को कम करने का निर्णय लिया है, जो अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप के आदेश के बाद हुआ। यह अभ्यास, जो पहले 11 दिनों तक चलने वाला था, अब जल्दी समाप्त होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम दोनों देशों के सैन्य संबंधों को प्रभावित कर सकता है। उत्तर कोरिया ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन उसने इन अभ्यासों को उकसावे वाला बताया है। जानें इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम के बारे में और क्या हो सकता है आगे।
 

संयुक्त सैन्य अभ्यास की अवधि में कमी

दक्षिण कोरिया और अमेरिका की सेनाओं ने अमेरिका के अनुरोध पर अपने संयुक्त सैन्य अभ्यास की अवधि को कम करने पर सहमति जताई है। यह जानकारी दक्षिण कोरियाई अधिकारियों ने बुधवार को साझा की। यह घटनाक्रम अमेरिका के राष्ट्रपति द्वारा सैन्य अभ्यास में कटौती के आदेश देने के कुछ दिन बाद सामने आया है।


अभ्यास की नई समयसीमा

दोनों देशों का ग्रीष्मकालीन 'उल्ची फ्रीडम शील्ड' सैन्य अभ्यास सोमवार को शुरू हुआ था, जिसे 11 दिनों तक चलना था। लेकिन राष्ट्रपति ने अपने रक्षा मंत्री को इसे 'काफी हद तक कम' करने का निर्देश दिया। ट्रंप ने इसके पीछे उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के साथ अच्छे संबंधों और दक्षिण कोरिया द्वारा ईरान के खिलाफ अमेरिकी युद्ध में शामिल होने से इनकार को कारण बताया। दक्षिण कोरियाई सेना ने कहा कि यह सैन्य अभ्यास अब 27 अगस्त के बजाय शुक्रवार को समाप्त होगा।


सैन्य तैयारियों पर प्रभाव

सेना ने यह भी बताया कि दोनों देशों ने कुछ संयुक्त मैदानी प्रशिक्षण अभ्यासों के स्तर को कम करने पर सहमति जताई है। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह निर्णय अमेरिका और दक्षिण कोरिया की सैन्य तैयारियों को प्रभावित कर सकता है और अंततः दोनों देशों के बीच दशकों पुराने गठबंधन को कमजोर कर सकता है। ये अभ्यास लंबे समय से उत्तर कोरिया के साथ तनाव का कारण बने हुए हैं।


उत्तर कोरिया की प्रतिक्रिया

उत्तर कोरिया इन अभ्यासों की आलोचना करते हुए इन्हें युद्ध की तैयारी मानता है और इसके जवाब में उकसावे वाले मिसाइल परीक्षण करता रहा है। हालांकि, उत्तर कोरिया ने ट्रंप के इस प्रस्ताव पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। बुधवार को, उसकी सरकारी समाचार एजेंसी 'केसीएनए' ने अमेरिका-दक्षिण कोरिया के सैन्य अभ्यासों को 'उकसावे वाला' और 'बेहद खतरनाक' बताया, साथ ही प्रतिद्वंद्वियों की शत्रुतापूर्ण गतिविधियों को विफल करने का संकल्प व्यक्त किया।