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दक्षिण चीन सागर में चीन-फिलीपींस विवाद: कूटनीतिक तनाव बढ़ता जा रहा है

दक्षिण चीन सागर में चीन और फिलीपींस के बीच हालिया झड़प ने कूटनीतिक तनाव को बढ़ा दिया है। दोनों देशों ने एक-दूसरे के राजदूतों को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। फिलीपींस का आरोप है कि चीन के तटरक्षक बल ने उसके नौसैनिक पर हमला किया, जबकि चीन ने इसे खारिज किया है। अमेरिका ने फिलीपींस का समर्थन किया है। जानिए इस विवाद के पीछे की वजहें और इसके संभावित परिणाम।
 

चीन और फिलीपींस के बीच बढ़ता तनाव

दक्षिण चीन सागर में चीन और फिलीपींस के बीच एक बार फिर से तनाव बढ़ गया है। यह मामला अब केवल समुद्री टकराव तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि दोनों देशों के सुरक्षा बलों के बीच झड़प के बाद यह एक कूटनीतिक विवाद में बदल चुका है। फिलीपींस ने चीन पर आरोप लगाया है कि उसके तटरक्षक बल ने उसके एक नौसैनिक पर हमला किया, जबकि चीन का कहना है कि यह सब फिलीपींस की ओर से शुरू हुआ। इस स्थिति में अमेरिका ने भी फिलीपींस का समर्थन किया है। यह सवाल उठता है कि आखिरकार दक्षिण चीन सागर में क्या हो रहा है और यह विवाद क्यों बार-बार उभरता है?


घटनाक्रम का विवरण

दक्षिण चीन सागर में चीन और फिलीपींस के बीच का यह विवाद एक बार फिर गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। सेकंड थॉमस शॉल के पास हुई झड़प के बाद, दोनों देशों ने एक-दूसरे के राजदूतों को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। फिलीपींस का कहना है कि यह घटना 20 जुलाई को हुई, जब उसके सैनिक वहां मौजूद थे। मनीला का आरोप है कि चीन के तटरक्षक बल ने उसके एक नौसैनिक पर लकड़ी के डंडे से हमला किया, जिससे वह घायल हो गया। इसके अलावा, फिलीपींस की रबर नौका को भी नुकसान पहुंचाया गया। दूसरी ओर, चीन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उसके जवानों ने केवल कानून के अनुसार कार्रवाई की।


फिलीपींस का रुख

फिलीपींस ने यह सवाल उठाया है कि चीन की रबर नौका बीआरपी सिरा माद्रे के इतने करीब क्यों पहुंची। मनीला का कहना है कि यह क्षेत्र उसके विशेष आर्थिक क्षेत्र का हिस्सा है और चीन की गतिविधियाँ अवैध हैं। फिलीपींस का दावा है कि उसकी नौकाओं को केवल चीनी जहाज को चेतावनी देने के लिए भेजा गया था, न कि टकराव के लिए। फिलीपींस ने चीन पर आरोप लगाया है कि उसने बार-बार चेतावनियों को नजरअंदाज किया और फिर उसके सैनिक पर हमला किया।