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दक्षिणी फ्रांस में जंगलों में आग: भीषण गर्मी और सूखे का कहर

दक्षिणी फ्रांस के जंगलों में भीषण आग ने गंभीर स्थिति उत्पन्न कर दी है, जो रिकॉर्ड गर्मी और सूखे के बीच भड़की है। प्रशासन ने आग पर काबू पाने के लिए 800 से अधिक दमकलकर्मियों और विशेष विमानों को तैनात किया है। हालांकि, आग की घटनाएं बढ़ रही हैं और सुरक्षा के लिए कई स्थानों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। प्रधानमंत्री ने जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ते खतरे पर चिंता व्यक्त की है। जानें इस संकट के बारे में और प्रशासन के प्रयासों के बारे में।
 

जंगलों में आग का विकराल रूप


नई दिल्ली: दक्षिणी फ्रांस के जंगलों में भीषण आग ने गंभीर स्थिति उत्पन्न कर दी है, जो रिकॉर्ड गर्मी और लंबे समय से चल रहे सूखे के बीच भड़की है। औडे (Aude) और हेराल्ट (Herault) क्षेत्रों में गुरुवार को लगी इस आग ने तेजी से फैलते हुए लगभग 900 हेक्टेयर वन क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया है। तेज हवाओं और शुष्क मौसम के कारण आग रिहायशी और पर्यटन स्थलों की ओर बढ़ रही है, जिससे प्रशासन की चिंताएं बढ़ गई हैं।


आपातकालीन बचाव कार्य

इस आग पर काबू पाने के लिए स्थानीय प्रशासन ने युद्ध स्तर पर बचाव कार्य शुरू किया है। 800 से अधिक दमकलकर्मियों, 150 दमकल वाहनों और चार विशेष वाटर बमवर्षक विमानों को तैनात किया गया है। पहाड़ी और कठिन रास्तों के कारण दमकलकर्मियों को जमीनी स्तर पर आग बुझाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, इसलिए हवाई अभियान का सहारा लिया जा रहा है।


आग की अन्य घटनाएं

पड़ोसी क्षेत्रों में भी आग लगने की दो घटनाएं हुई थीं, जिन पर कड़ी मेहनत के बाद काबू पाया गया है। हालांकि, प्रभावित इलाकों में कई स्थानों पर आग अब भी सुलग रही है, जिससे दोबारा भड़कने का खतरा बना हुआ है। सुरक्षा के मद्देनजर, प्रशासन ने टेट नदी के पास स्थित एक लोकप्रिय रिजॉर्ट और उसके आसपास के शिविरों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। नदी के सभी लाइफगार्ड स्टेशनों को बंद कर दिया गया है और स्थानीय नागरिकों व पर्यटकों को नदी में तैरने से मना किया गया है।


आग की घटनाओं की संख्या

फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने देश में बिगड़ते हालातों पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष गर्मी के मौसम की शुरुआत से अब तक जंगलों में आग लगने की 7,000 से अधिक घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिसमें 8,700 हेक्टेयर से अधिक का हरा-भरा क्षेत्र जलकर राख हो चुका है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जलवायु परिवर्तन और मौजूदा मौसम की विपरीत परिस्थितियां इस खतरे को और बढ़ा रही हैं।


तेज हवाओं से बढ़ता खतरा

औडे क्षेत्र के प्रीफेक्ट एलेन बुकेट ने बताया कि भूमध्यसागरीय तट से सटे इस क्षेत्र की भौगोलिक बनावट के कारण यह हमेशा से जंगल की आग के प्रति संवेदनशील रहा है। दमकल विभाग का मुख्य लक्ष्य आग को जल्द से जल्द नियंत्रित करना है ताकि तेज हवाएं आग की लपटों को नए इलाकों में न फैला सकें।


मौसम विभाग की चेतावनी

मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए चेतावनी जारी की है। पूर्वानुमान के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक बारिश की कोई संभावना नहीं है, जबकि तापमान ऊंचा रहेगा और सूखा जारी रहेगा। ऐसे में भूमध्यसागरीय क्षेत्र की शुष्क और तेज हवाएं जंगलों की आग को और भड़का सकती हैं, जिससे दमकलकर्मियों के लिए आने वाले दिन और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।