दक्षिणी लेबनान में इजरायल-हिजबुल्लाह संघर्ष: हालात गंभीर
दक्षिणी लेबनान में युद्ध की स्थिति
दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह और इजरायली सेना के बीच 2 मार्च से भयंकर संघर्ष चल रहा है। लेबनानी मीडिया के अनुसार, बिंत जबील शहर में हिजबुल्लाह के लड़ाकों और इजरायली बलों के बीच तीव्र युद्ध हो रहा है। इजरायली सेना ने पूरे शहर को घेर लिया है, जो हिजबुल्लाह का एक प्रमुख गढ़ माना जाता है। यहां आतंकवादी गतिविधियों और संगठन के बुनियादी ढांचे का एक बड़ा हिस्सा मौजूद है। इजरायली सेना ने शहर के प्रवेश द्वारों पर भीषण बमबारी की है और बिंत जबील पर कब्जा करने की कोशिश कर रही है.
हिजबुल्लाह का जवाबी हमला
इस बीच, हिजबुल्लाह ने इजरायली क्षेत्रों पर जवाबी कार्रवाई की। किर्यत शमोना क्षेत्र में संदिग्ध ड्रोन और रॉकेट की उपस्थिति के बाद सायरन बजने लगे। गैलील प्रायद्वीप के उत्तरी शहरों और आसपास के कस्बों में भी सायरन की आवाज सुनाई दी।
कफरहाता गांव में हताहत
रविवार को इजरायली सेना ने लेबनान के कफरहाता गांव पर हमला किया, जिसमें चार साल के एक बच्चे सहित 7 लोगों की जान गई। इसके अलावा, बेरूत के जनाह क्षेत्र में बमबारी की गई, जिसमें चार लोग मारे गए और 39 घायल हुए। इजरायली सेना ने पहले ही गांव को खाली करने का आदेश दिया था.
बेरूत में हवाई हमले
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, रविवार को बेरूत में फाइटर जेट की भारी आवाजाही देखी गई। शहर के विभिन्न हिस्सों में हमलों की आवाज सुनाई दी, और अब तक आठ हमलों की पुष्टि हो चुकी है.
इजरायल के सैनिकों की हानि
मार्च से अब तक हिजबुल्लाह के 400 से अधिक लड़ाकों की मौत हो चुकी है, जबकि इजरायल के 10 सैनिकों की भी जान गई है। इस संघर्ष के कारण लेबनान में 10 लाख से अधिक लोगों को अपने घर छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा है। इजरायली सेना ने लेबनान के लगभग 15 प्रतिशत क्षेत्र को खाली करने का आदेश दिया है और 30 किमी सुरक्षा क्षेत्र पर नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश कर रही है.
ईरान के साथ संघर्ष की शुरुआत
28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर हमला किया था, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी। इसके दो दिन बाद, 2 मार्च को हिजबुल्लाह ने ईरान के साथ युद्ध में भाग लिया और उत्तरी इजरायल पर सैकड़ों मिसाइलों से हमला किया। इजरायली सेना ने हिजबुल्लाह के ठिकानों पर निर्णायक बमबारी शुरू की, जबकि ईरान ने सीजफायर में लेबनान को शामिल करने की मांग की, लेकिन इजरायल ने स्पष्ट किया कि वह हिजबुल्लाह के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगा.