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दिल्ली में जुलाई 2025 में हवा की गुणवत्ता में ऐतिहासिक सुधार

दिल्ली ने जुलाई 2025 में हवा की गुणवत्ता में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर स्थापित किया है, जहाँ औसत AQI 78 रहा, जो 'संतोषजनक' श्रेणी में आता है। यह पिछले वर्षों की तुलना में एक उल्लेखनीय सुधार है और 2020 के लॉकडाउन के दौरान दर्ज की गई गुणवत्ता से भी बेहतर है। इस लेख में जानें कि कैसे अनुकूल मौसम और सरकारी पहलों ने इस सुधार में योगदान दिया।
 

दिल्ली की हवा की गुणवत्ता में नया मील का पत्थर

दिल्ली ने जुलाई 2025 में हवा की गुणवत्ता में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर स्थापित किया है, जहाँ यह जुलाई 2018 के बाद से सबसे स्वच्छ माह रहा। इस दौरान औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 78 दर्ज किया गया, जो 'संतोषजनक' श्रेणी में आता है। यह उपलब्धि हाल के वर्षों में सुधार के साथ-साथ 2020 में COVID-19 लॉकडाउन के दौरान दर्ज की गई हवा की गुणवत्ता से भी बेहतर है। यह दिल्ली में वायु प्रदूषण के खिलाफ चल रही लड़ाई में एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है।


जुलाई 2025 का औसत AQI 78 रहा, जो पिछले वर्षों की तुलना में एक उल्लेखनीय सुधार है। पिछले जुलाई महीनों में हवा की गुणवत्ता काफी खराब थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि इस वर्ष का सुधार असाधारण है। इसके अलावा, जुलाई 2025 में 'संतोषजनक' हवा वाले दिनों की संख्या 29 रही, जो 2018 के 16 दिनों और 2019 के 12 दिनों से अधिक है। 2020 जैसे सकारात्मक वर्षों की तुलना में भी, जुलाई 2025 ने 25 'संतोषजनक' दिनों का आंकड़ा पार किया है।


जनवरी से जुलाई 2025 तक, दिल्ली ने 184 का औसत AQI बनाए रखा, जो हाल के वर्षों की तुलना में एक महत्वपूर्ण सुधार है। इस अवधि में 'गंभीर' या 'गंभीर+' श्रेणी में कोई भी दिन दर्ज नहीं किया गया, जबकि पहले ऐसे दिनों की संख्या अगस्त से पहले सात तक पहुँच जाती थी। इस दौरान PM2.5 और PM10 जैसे हानिकारक कण प्रदूषकों में भी कमी आई है। PM2.5 का औसत 79 µg/m³ रहा, जो 2018 के बाद से सबसे कम है, और PM10 का औसत 180 µg/m³ तक गिर गया।


इस सुधार का श्रेय अनुकूल मौसम स्थितियों और सरकारी पहलों के संयोजन को दिया जा रहा है। अधिकारियों ने दिल्ली के बहु-एजेंसी कार्यान्वयन मॉडल, निरंतर लैंडफिल कार्रवाई, सघन सफाई अभियान और परिणाम-आधारित शासन को महत्वपूर्ण कारक बताया है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग और दिल्ली सरकार ने भी प्रयासों को बढ़ाया है, जिसमें सार्वजनिक स्थानों पर आउटडोर एयर प्यूरीफायर का परीक्षण करने के लिए पायलट प्रोजेक्ट शामिल हैं। इन प्रयासों से दिल्ली की हवा और साफ होने की उम्मीद है।