दुबई में अमेरिकी ठिकाने पर ईरान का ड्रोन हमला: क्या है इसके पीछे की कहानी?
मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव
नई दिल्ली: मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर से बढ़ गया है। ईरान ने दुबई में अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर एक बड़ा ड्रोन हमला किया है। ईरानी मीडिया के अनुसार, यह हमला शाहेद-136 ड्रोन के माध्यम से किया गया, जिससे भारी नुकसान की संभावना जताई जा रही है।
रिपोर्टों के अनुसार, जिस इमारत पर हमला हुआ, वहां अमेरिकी सेना के अधिकारी मौजूद थे। इस घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा को और मजबूत किया गया है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
दुबई में अमेरिकी सैन्य भवन पर हमला
ईरानी मीडिया का दावा है कि दुबई में उस इमारत को निशाना बनाया गया, जहां अमेरिकी सैन्य अधिकारी तैनात थे। यह हमला शाहेद-136 ड्रोन से किया गया, जो ईरान के लंबी दूरी के ड्रोन सिस्टम का हिस्सा है।
सऊदी अरब में अमेरिकी दूतावास पर भी हमला
इससे पहले, ईरान ने सऊदी अरब में अमेरिकी दूतावास को भी ड्रोन से निशाना बनाया था। हमले के बाद दूतावास परिसर में आग लगने की सूचना मिली थी, लेकिन बाद में यह बताया गया कि उस समय दूतावास खाली था।
कतर की ओर दागी गई मिसाइलें और ड्रोन
कतर के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी है कि हमले के दौरान देश की ओर दागे गए अधिकांश ईरानी प्रोजेक्टाइल को रोक लिया गया। मंत्रालय के अनुसार, तीनों क्रूज मिसाइलों को नष्ट किया गया, 101 बैलिस्टिक मिसाइलों में से 98 को इंटरसेप्ट किया गया, 39 ड्रोन में से 24 को निष्क्रिय किया गया और दोनों SU-24 लड़ाकू जेट को भी विफल कर दिया गया।
सऊदी अरब का आधिकारिक बयान
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने इस घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने कहा, "रियाद और अल-खार्ज शहरों के पास 8 ड्रोन को रोका और नष्ट किया गया।"
इज़राइल में अमेरिकी दूतावास में आग का वीडियो
सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें मंगलवार सुबह ईरानी ड्रोन हमले के बाद इज़राइल में स्थित अमेरिकी दूतावास में आग लगती दिखाई दे रही है। इस वीडियो ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव को लेकर चिंताएं और बढ़ा दी हैं।