नेतन्याहू ने दक्षिणी लेबनान में धार्मिक मूर्ति को नुकसान पहुंचाने की घटना की निंदा की
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दक्षिणी लेबनान में एक आईडीएफ सैनिक द्वारा एक कैथोलिक धार्मिक मूर्ति को नुकसान पहुंचाने की घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इस कृत्य को अस्वीकार्य बताते हुए कहा कि इजरायल सभी धर्मों के अनुयायियों के लिए सहिष्णुता और सम्मान का प्रतीक है। नेतन्याहू ने यह भी बताया कि सैन्य अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने इजरायल में ईसाई समुदाय की स्थिति को भी उजागर किया है।
Apr 20, 2026, 20:43 IST
नेतन्याहू की कड़ी प्रतिक्रिया
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को एक गंभीर घटना की निंदा की, जिसमें दक्षिणी लेबनान में एक आईडीएफ सैनिक पर एक कैथोलिक प्रतिमा को "नुकसान पहुँचाने" का आरोप लगा। नेतन्याहू ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि इजरायल एक यहूदी राष्ट्र के रूप में सभी धर्मों के अनुयायियों के बीच सहिष्णुता और आपसी सम्मान के मूल्यों को महत्व देता है। उन्होंने कहा कि हमारी भूमि पर सभी धर्मों को फलने-फूलने का अवसर मिलता है और हम सभी धर्मों के लोगों को समान मानते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सैन्य अधिकारी दोषी के खिलाफ कठोर कार्रवाई कर रहे हैं।
घटना पर नेतन्याहू की प्रतिक्रिया
नेतन्याहू ने कहा कि कल, अधिकांश इजरायली नागरिकों की तरह, वह भी इस घटना से हैरान और दुखी थे। उन्होंने इस कृत्य की कड़ी निंदा की और बताया कि सैन्य अधिकारी मामले की आपराधिक जांच कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इजरायल मध्य पूर्व का एकमात्र ऐसा देश है जो सभी के लिए पूजा की स्वतंत्रता का पालन करता है।
ईसाई समुदाय की स्थिति
नेतन्याहू ने यह भी उल्लेख किया कि सीरिया और लेबनान में मुसलमानों द्वारा ईसाइयों का नरसंहार हो रहा है, जबकि इजरायल में ईसाई आबादी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि इजरायल एकमात्र ऐसा देश है जहाँ ईसाई आबादी और जीवन स्तर में वृद्धि हो रही है। उन्होंने इस घटना के लिए खेद व्यक्त किया और कहा कि यह सभी विश्वासियों के लिए दुखद है। इजराइली विदेश मामलों के मंत्री गिदोन सार ने भी इस घटना की निंदा की और इसे "गंभीर और शर्मनाक" बताया।