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नेपाल में त्रिशूली 3A परियोजना से दो कर्मचारियों का सफल रेस्क्यू, बाढ़ से जूझता देश

नेपाल के रसुवा जिले में त्रिशूली 3A जलविद्युत परियोजना से दो कर्मचारियों को नौ दिनों के बाद सुरक्षित निकाला गया है। यह घटना तब हुई जब देश बाढ़ की विभीषिका झेल रहा है। बचाव दल ने सुरंग में इंसानी आवाजें सुनकर रेस्क्यू कार्य को तेज किया। इस बीच, लापता लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है, और राहत एजेंसियां लगातार खोज में जुटी हैं। जानें इस कठिन परिस्थिति में क्या हो रहा है और कैसे बचाव कार्य चल रहा है।
 

उम्मीद की किरण


नई दिल्ली: नेपाल के रसुवा जिले में त्रिशूली 3A जलविद्युत परियोजना की गहरी सुरंग से नौ दिनों के कठिन इंतजार के बाद दो कर्मचारियों को सुरक्षित निकाला गया है। यह घटना तब हुई जब देश भीषण बाढ़ की मार झेल रहा है, और यह खबर किसी चमत्कार से कम नहीं मानी जा रही। नेपाली सेना और सशस्त्र पुलिस बल के संयुक्त दल ने सुरंग में आगे बढ़ते हुए इंसानी आवाजें सुनीं, जिसके बाद बचाव कार्य को तेज किया गया। 26 अगस्त को आई इस आपदा के बाद से त्रिशूली-3A से कम से कम 40 लोग लापता हैं, और लगभग 900 कर्मचारी अब तक संपर्क से बाहर हैं।


परिजनों की आशा

परिजनों की आंखों में उम्मीद


त्रिशूली-3A में फंसे कर्मचारियों के रिश्तेदार सरकारी दफ्तरों और सेना मुख्यालय के चक्कर काट रहे हैं। एक फंसे हुए इंजीनियर की पत्नी ने कहा कि इतने दिनों के बाद भी उनका परिवार केवल इस उम्मीद पर टिका है कि उनके प्रियजन सुरक्षित लौटेंगे।


बचाव कार्य में सफलता

बचाव दल को मिली सफलता


सुरंग से निकाले गए कर्मचारियों की पहचान मैकेनिकल फोरमैन संजय साह और मैकेनिकल सुपरवाइजर कबीर महर्जन के रूप में हुई है। इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभा रहे सांसद श्री राम न्यौपाने ने सोशल मीडिया पर इसकी पुष्टि की। नेपाली सेना द्वारा जारी वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। सांसद ने बताया कि जब रेस्क्यू टीम ने सुरंग के अंदर आवाज लगाई, तो वहां से जवाब मिला। यह संकेत है कि अन्य लोग भी जीवित हो सकते हैं।


बचाव कार्य की चुनौतियाँ

सुरंग से सुरक्षित निकले दो मजदूर


हालांकि खराब मौसम और मलबे के कारण बचाव कार्य में कठिनाइयाँ आ रही हैं, लेकिन भारी मशीनों और विशेष उपकरणों की मदद से रास्ते साफ किए जा रहे हैं। राहत प्रयासों के बीच रसुवा लांगटांग खोला प्रोजेक्ट से दो शव बरामद होने की दुखद खबर भी आई है, जहां 150 मीटर अंदर तक पहुंचे सैनिकों को यह सफलता मिली। नेपाल में अब तक 1,259 लोगों की मृत्यु हो चुकी है और 5,053 नागरिक अब भी लापता हैं, जिनकी तलाश में राहत एजेंसियां जुटी हुई हैं।


सोशल मीडिया पर अपडेट

#WATCH | Trishuli, Nepal | Rescue workers have rescued two persons from inside the tunnel of the Trishuli 3A hydropower project ten days after the floods struck Nepal on August 26

According to the rescue team, voices of more than one person were heard from inside the tunnel… pic.twitter.com/7AjhEgzP5I

— ANI (@ANI) September 4, 2026