नेपाल में बाढ़ का कहर: बूढ़ी गंडकी नदी ने मचाई तबाही, 40 से अधिक घर बह गए
नेपाल में बाढ़ की नई लहर
नई दिल्ली: नेपाल एक बार फिर बाढ़ की चपेट में आ गया है। रविवार की सुबह बूढ़ी गंडकी नदी में अचानक बाढ़ आई, जिसने गोरखा जिले के चुमनुबरी और धारचे नगरपालिकाओं में व्यापक नुकसान पहुंचाया। इस बाढ़ में कई घर, पुल और एक हाइड्रोपावर प्लांट बह गए हैं। कई गांव जलमग्न हो गए हैं और दर्जनों घरों को बाढ़ ने swept away कर दिया है। राहत कार्य के लिए सेना हेलीकॉप्टर का सहारा ले रही है। यह घटना कुछ हफ्ते पहले भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद दूसरी बड़ी आपदा है, जिसमें लगभग 2000 लोगों की जान गई थी और 6000 से अधिक लोग लापता हैं।
भूस्खलन के कारण बाढ़ का कारण
नेपाल के जल विज्ञान और मौसम विज्ञान विभाग ने बताया कि भूस्खलन के कारण नदी की एक सहायक नदी का मार्ग अवरुद्ध हो गया था, जिसके परिणामस्वरूप अचानक बाढ़ आई। जलविज्ञानी बिनोद पराजुली के अनुसार, उपग्रह चित्रों में गोरखा के चुमनुबरी क्षेत्र के चुमचेत के पास एक बड़ा भूस्खलन देखा गया है, जो शनिवार को हुआ था। ऐसा माना जा रहा है कि भूस्खलन के कारण बूढ़ी गंडकी की सहायक नदी उंगेलिंग का पानी रुक गया और फिर अचानक बाढ़ आ गई।
विभाग ने यह भी बताया कि नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है और यह लगातार बदल रहा है। इस स्थिति के चलते त्रिशुली नदी के बेनीघाट तक के निचले क्षेत्रों में बाढ़ का हाई अलर्ट जारी किया गया है। मुग्लिंग, चितवन और नवलपरासी जिलों में नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
नुकसान और लापता लोग
काठमांडू पोस्ट के अनुसार, चुमनुबरी के प्रशासनिक प्रमुख नारायण प्रसाद सपकोटा ने बताया कि जगत बागर, सल्लेरी और घट्टीखोला में 35 से 40 घर बह गए हैं। न्याकचेत-सिरदिबास और माछखोला-केराउजा को जोड़ने वाले पैदल पुल, सोती में लोहे का मोटर पुल और गोरखा-धाडिंग को जोड़ने वाला आरुघाट पुल भी क्षतिग्रस्त हो गया है। गृह मंत्री सूदान गुरुंग ने न्याकचेत और फिलिम बाजार को जोड़ने वाले पुल को हुए नुकसान की पुष्टि की है।
बाढ़ का अजीब पैटर्न
स्थानीय निवासियों ने बताया कि बाढ़ का पैटर्न अजीब था, कभी पानी कम तो कभी अचानक बढ़ रहा था, साथ में भारी मलबा भी आ रहा था। कई घरों के अंदर मौजूद लोग भी लापता हो गए हैं। सड़कें और पुल टूटने के कारण राहत कार्य में कठिनाई आ रही है। सल्लेरी में निर्माणाधीन 341 मेगावाट की बूढ़ी गंडकी जलविद्युत परियोजना का एक निर्माण शिविर और उपकरण भी बाढ़ में बह गए हैं। प्रशासन ने निचले क्षेत्रों में अलर्ट जारी कर दिया है।