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नेपाल में बाढ़ के बाद लापता लोगों की खोज: प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार की प्रक्रिया

नेपाल में हाल ही में आई बाढ़ के बाद हजारों लोग लापता हैं, जिससे प्रभावित परिवारों ने प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया है। प्रशासन ने शवों की पहचान के लिए सामूहिक अंतिम संस्कार की व्यवस्था की है। इस बीच, रेस्क्यू टीमें सुरंगों में खोज अभियान चला रही हैं, और विदेश मंत्री ने उम्मीद जताई है कि कुछ लापता लोग जीवित मिल सकते हैं। जानें इस संकट की पूरी कहानी और प्रभावित परिवारों की स्थिति।
 

बाढ़ के बाद लापता लोगों की तलाश


नई दिल्ली: नेपाल में आई भयंकर बाढ़ के एक सप्ताह बाद भी हजारों परिवार अपने लापता सदस्यों की खोज में जुटे हैं। बाढ़ के कारण कई गांव और घर बह गए हैं, और बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता हैं। जब कुछ परिवारों की उम्मीदें टूटने लगीं, तो उन्होंने अपने लापता रिश्तेदारों की आत्मा की शांति के लिए प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया है।


इन संस्कारों में कुश की घास से बने पुतलों को लापता व्यक्तियों का प्रतीक मानकर पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ विदाई दी जा रही है। पशुपतिनाथ मंदिर में भी कई परिवार अपने लापता सदस्यों का प्रतीकात्मक संस्कार कर रहे हैं। परिजनों का कहना है कि उनके पास शव नहीं हैं, लेकिन वे चाहते हैं कि उनके प्रियजनों की आत्मा को शांति मिले।


शवों की पहचान और अंतिम संस्कार की व्यवस्था

शवगृहों में जगह की कमी


दूसरी ओर, जिन शवों की पहचान नहीं हो पाई है, उनके लिए प्रशासन सामूहिक अंतिम संस्कार की व्यवस्था कर रहा है। डीएनए परीक्षण के लिए नमूने सुरक्षित रखे जा रहे हैं, और कई अज्ञात शवों को बड़े गड्ढों में दफन किया जा रहा है। इसके लिए जेसीबी मशीनों का उपयोग किया जा रहा है।


आपातकालीन टीमों के अनुसार, अब तक 1100 से अधिक शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि लगभग 4500 लोग अभी भी लापता हैं। 26 अगस्त को चीन-नेपाल सीमा के पास एक ग्लेशियर के टूटने के बाद बर्फीले पानी, चट्टानों और मलबे का तेज बहाव आया था, जिसने कई क्षेत्रों में भारी तबाही मचाई।


सुरंगों में खोज अभियान जारी

सुरंगों में अब भी तलाश जारी


रेस्क्यू टीमों ने कई जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों में खोज अभियान चलाया है। वहां से शव मिलने की जानकारी मिली है, लेकिन बचावकर्मी अभी भी उम्मीद नहीं छोड़ रहे हैं। मलबा हटाने के साथ-साथ ड्रिलिंग और नियंत्रित विस्फोटों के जरिए सुरंगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने भी आशा व्यक्त की है कि लापता लोगों में कुछ जीवित मिल सकते हैं। इस बीच, भारत की ओर बहकर आई नदियों से भी कम से कम 17 शव बरामद किए गए हैं।