नेपाल में बाढ़ से प्रभावितों के लिए राष्ट्रपति का राहत कार्यों में तेजी लाने का निर्देश
राष्ट्रपति पौडेल का निर्देश
(शिरीष बी प्रधान) काठमांडू, 9 सितंबर - नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने बुधवार को सरकार को राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्यों को तेज करने का आदेश दिया। हाल ही में आई विनाशकारी बाढ़ के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,365 हो गई है। नेपाली कांग्रेस के सांसद अर्जुन नरसिंह के.सी. के अनुसार, पौडेल ने परिवहन प्रणाली को बहाल करने और पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
अंतरराष्ट्रीय सहायता की आवश्यकता
उन्होंने यह भी कहा कि यदि बड़े बुनियादी ढांचे का निर्माण देश की क्षमता से बाहर हो, तो सरकार को अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सहायता लेनी चाहिए। राष्ट्रपति ने बचाव कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर भी बल दिया, क्योंकि प्रभावित लोगों को बचाने की संभावना अभी भी बनी हुई है। पौडेल ने काठमांडू में शीतलनिवास में मंत्रियों के साथ चर्चा के दौरान कहा कि नेपाल को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जलवायु परिवर्तन से हुए नुकसान के लिए मुआवजा मांगना चाहिए।
राहत शिविरों की व्यवस्था
राष्ट्रपति पौडेल ने विदेश मंत्री शिशिर खनाल और अवसंरचना विकास मंत्री सुनील लमसाल से कहा कि वे राहत शिविरों में रह रहे लोगों के लिए उचित व्यवस्था सुनिश्चित करें। उन्होंने क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण के लिए अल्पकालिक, मध्यम-अवधि और दीर्घकालिक योजनाएं बनाने का सुझाव दिया। इसके साथ ही, उन्होंने लोगों की कठिनाइयों को कम करने के लिए तात्कालिक उपाय करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति
बैठक में बाढ़ से प्रभावित नुवाकोट जिले के सांसद अर्जुन नरसिंह केसी और सेना प्रमुख अशोक राज सिगदेल भी शामिल थे। मंत्रियों ने राष्ट्रपति पौडेल को बताया कि विस्थापित लोगों के लिए अस्थायी आवास की व्यवस्था का कार्य लगातार जारी है। यह बाढ़ 26 अगस्त को उत्तरी और मध्य नेपाल में आई थी, जिसने भारी तबाही मचाई।
मृतकों की संख्या में वृद्धि
अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को प्रभावित क्षेत्रों से और शव मिलने के बाद इस आपदा में मरने वालों की संख्या 1,365 हो गई। नेपाल पुलिस के अनुसार, बचाव दल 5,326 लोगों की तलाश कर रहे हैं, जिनमें कम से कम 589 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं, जो अब भी लापता हैं।