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नेपाल में मानसून का कहर: भूस्खलन और बाढ़ से 21 लोगों की जान गई

नेपाल में मानसून के चलते भारी बारिश ने भूस्खलन और बाढ़ की गंभीर स्थिति पैदा कर दी है। इस आपदा में 21 लोगों की जान गई है और 14 लोग लापता हैं। गंडकी प्रांत सबसे अधिक प्रभावित हुआ है, जहां कई घर ध्वस्त हो गए हैं। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वालों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी दी है। जानें इस संकट के बारे में और अधिक जानकारी।
 

नेपाल में भारी बारिश का कहर


नई दिल्ली: नेपाल में मानसून के चलते भारी बारिश का सिलसिला जारी है। इस बारिश के कारण भूस्खलन और बाढ़ ने व्यापक तबाही मचाई है। सोशल मीडिया पर एक भयावह वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा काली गंडकी नदी में गिरता हुआ दिखाई दे रहा है। इस वीडियो में मलबा गिरते ही लोगों की चीखें सुनाई देती हैं, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाती हैं।


मानसून से हुई जनहानि

हाल के दिनों में बारिश से संबंधित घटनाओं में नेपाल में 21 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 14 लोग अब भी लापता हैं। लगातार बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं, कई घर जमींदोज हो गए हैं और कई प्रमुख सड़कों पर यातायात पूरी तरह से ठप हो गया है।


सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र

कहा पड़ा सबसे ज्यादा असर, कितने लोगों की गई जान 


अधिकारियों के अनुसार, गंडकी प्रांत में सबसे अधिक नुकसान हुआ है। बाग्लुंग जिले में 10, म्याग्दी में 6 और मनांग में 2 लोगों की मौत हुई है। लुंबिनी प्रांत के पाल्पा में 5 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि धनुषा जिले की मिथिला नगरपालिका में एक व्यक्ति भूस्खलन की चपेट में आ गया।


लापता और घायल लोग

आइतबार मुस्ताङमा सोच्नै नसकिने गरि गयो भंयकर पहिरो.... pic.twitter.com/FUul5VkFNv

— Nirmal Prasai🇳🇵 (@NirmalPrasai5) September 28, 2026


पुलिस ने जानकारी दी है कि मनांग में 10, म्याग्दी में 3 और बाग्लुंग में एक व्यक्ति लापता है, जिनकी खोज के लिए रेस्क्यू टीमें काम कर रही हैं। लमजुंग में दो लोग घायल हुए हैं, जबकि बाग्लुंग और म्याग्दी में एक-एक व्यक्ति के घायल होने की भी खबर है।


नदी किनारे बसे लोगों के लिए चेतावनी

नदी किनारे बसे लोगों को सुरक्षित पर जाने की चेतावनी 


राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, काली गंडकी नदी में आए उफान ने सबसे अधिक नुकसान पहुंचाया है। नारायणी और तिनाऊ नदी के जलस्तर में वृद्धि के कारण कई क्षेत्रों में बाढ़, कटाव और जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।


प्रभावित परिवारों की संख्या

कितने परिवार हुए प्रभावित 


आपदा से 747 परिवार सीधे प्रभावित हुए हैं। अब तक 143 घर पूरी तरह से ध्वस्त हो चुके हैं और 51 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। गंडकी प्रांत में 195 घर पूरी तरह और 26 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि 270 घर अभी भी खतरे में हैं। लगभग 435 परिवारों के 1500 से अधिक लोग राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं।


गंडकी के 11 जिलों में पर्वत जिला सबसे अधिक प्रभावित हुआ है, जहां 106 घर पूरी तरह से तबाह हो गए और 4 घरों को आंशिक क्षति पहुंची है। यहां 162 परिवारों के 540 लोगों को विस्थापित होना पड़ा है। सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने और सड़कें खोलने के प्रयास तेज कर दिए हैं।